◆ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा की हमारा संकल्प यही है कि एमपी को सुशासन देकर विकास और जन कल्याण की दिशा में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करना है।

◆ प्रदेश स्तर पर आत्मनिर्भर म.प्र. के लक्ष्य को हासिल करने वाली टीम है, मैदानी अंचलों में क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर और कमिश्नर है। 

◆ सुशासन का अर्थ है कि क़ानून और प्रशासन का बेहतर होना।

◆ कलेक्टर और एसपी ने जिले में माफियाओं को नेस्तनाबूत करने की दिशा में बेहतर काम किया है।

◆ माफियाओं को जड़ से मिटाना ही सुशासन है। इन्हें मिटाकर हम अपना राजधर्म निभाते है। 

◆ मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य है आंतरिक मूल्यांकन, हमने तय लक्ष्य के विरुद्ध कितना हासिल किया है, कहा कमी पाई गई यह जानना भी जरूरी है।

◆ सीएम का संकल्प देश में सबसे बेस्ट करके प्रदेश को आगे बढ़ाये।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया और दबंगों से मुक्त कराई गई जमीन गरीबों को मकान के लिए दी जाएगी। कानून व्यवस्था स्थापित करने और भय मुक्ति का यह मध्यप्रदेश मॉडल है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसी कार्रवाइयों के असर का अध्ययन कराया जाए। क्योंकि कमिश्नर कलेक्टर मूल्यांकन का साधन है। इस मौके पर कहा गया कि अपराधों के निराकरण में तेजी लाई गई है। न्यायालयों के द्वारा जनवरी से मार्च तक कुल 286 प्रकरण निर्मित किए गए, जिनमें से 201 प्रकरण में सजा हुई। 1966 स्थानों पर 10711 कैमरे स्थापित है प्रदेश के 859 खानों में 3436 कैमरे स्थापित हैं इनकी नियमित रखरखाव के लिए अनुबंध किया गया है। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद जनवरी की स्थिति में 1571 नागरिक को वर्ष के थे। जिनमें से अब 253 शेष बचे हैं। अवैध शराब जब्ती का ब्यौरा भी दिया गया।

यह भी बताया गया कि चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई के तहत 2021 में 46245 निवेशकों को 152 करोड़ रुपए वापस दिलाए। नकली मावा, नकली दूध और नकली खाद्य पदार्थ बेचने वाले 61 लोगों पर पिछले वर्ष रासुका की कार्रवाई की गई। कुल 2 करोड; 35 लाख रुपए का मिलावटी खाद्य पदार्थ जप्त किया गया। इस अवधि में चार आरोपियों के विरुद्ध एन एस ए की कार्यवाही की गई। कॉन्फ्रेंस में जिलों में अभियान चलाकर भू माफिया के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई भूमियों के उपयोग के बारे में पूछा गया। कृषि के विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के विषय में रणनीति पर चर्चा की गई वहीं जलाभिषेक कार्यक्रम, मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के तहत निर्माण एवं संधारण कार्य, प्रधानमंत्री आवास, वन भूमि एवं राजस्व भूमि संबंधी मामले, एक जिला एक उत्पाद आदि की समीक्षा हुई व बेस्ट प्रेक्टिसेस का प्रस्तुतिकरण हुआ।

जनभागीदारी से होगा विकास

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सतत विकास में भागीदारी और अनुभवों को साझा करने के लिए आयोजित स्वयंसेवी संस्थाओं का सम्मेलन जन सहभागिता के नए युग का सूत्रपात करेगा। इसके निष्कर्षों को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। निष्कर्षों का क्रियान्वयन राय सरकार और स्वयंसेवी संस्थाएं मिलजुलकर करेगी। सम्मेलन में उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं भी सरकार के लक्ष्य और उद्देश्य के अनुसार विकास और जनकल्याण के कार्य में लगी है। प्रदेश में कोविड १९ के प्रबंधन में सामने आई जनभागीदारी इसका उदाहरण है इिंदौर नगर द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में सफलता भी जनभागीदारी से ही सभव हुई है। सम्मेलन का आयोजन अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा किया गया है। इसमें विकास में साझेदारी, स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा कौशल और आजीविका, कृषि क्षेत्र में उन्नति के नए अवसर तथा वित्तीय समावेश आदि विषयों पर विशेष सत्र रखे गए। ६ सत्र में ६४ विषय विशेषज्ञ सम्मिलित हुए।

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आज मुख्यमंत्री के अन्य कार्यक्रम भी आयोजित हुए|