हम प्रकृति का शोषण कर रहे हैं। भौतिक प्रगति में हम प्रकृति की अनदेखी कर उसका शोषण न करें। प्रकृति के अंधाधुंध शोषण से ही क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग के संकट का हम सामना कर रहे हैं। यह बात सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में G-20 के तहत थिंक-20 कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कही।
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में सोमवार से G-20 के तहत थिंक-20 की दो दिवसीय बैठक शुरू सोमवार से शुरू हो गई। इसमें 22 देशों से आए 94 मेहमानों समेत कुल 300 सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पर्यावरण को कैसे बचाएं, अब सारे देशों को सोचना पड़ेगा कि हम इस दिशा में कैसे जाएं।
उन्होंने कहा कि वन अर्थ वन असेंबली वन फ्यूचर के लिए हम काम करेंगे। युद्धों का अंत नहीं है तो शांति कैसे होगी? सारे थिंकर्स यहां आए हैं, मैं किसी विषय का विशेषज्ञ नहीं हूं लेकिन मैं जी 20 के सभी थिंक टैंक से यह कहना चाहूंगा कि जरा इस दिशा में सोचें।
मुख्यमंत्री शिवतराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वन अर्थ, वन फैमिली एंड वन फ्यूचर के सिद्धांत पर कार्य कर रहे हैं। पर्यावरण सम्मत जीवन शैली के संदर्भ में पृथ्वी को बचाने के विषय पर परिचर्चा के लिए अनेक देशों व संस्थाओं गणमान्य के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के लिए विश्व को जागृत किया जा रहा है। इस चिंतन के साथ ही भोपाल कैपिटल ऑफ़ इंटेक्चुअल हो गई है।
सीएम शिवराज ने आगे कहा कि भारत गेस्ट को गॉड मानता है। अतिथि देवो भव: भारत की परम्परा है। मेहमान जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है। हम चिंतन-मनन करेंगे, इससे जो अमृत निकलेगा, वो दुनिया के काम आएगा। इस बार G-20 की थीम 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' है। ये भारत का बहुत प्राचीन विचार है। दुनिया में हमने एक नहीं, दो विश्वयुद्ध देखे। आज भी शांति नहीं है। संयुक्त राष्ट्र संघ के गठन के बाद भी शांति नहीं है।
इस मौके पर जी 20 के मुख्य समन्वयक हर्षवर्धन सिंगला ने कहा है कि विश्व में पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। इन हालातों के बीच हमें मौकों की तलाश करना होगा। हम यहां ऐसे प्रस्तावों पर बातचीत करेंगे जो 2 दिनों में सबके हितों के लिए निकल कर आएंगे। कोरोना के बीच भारत बहुत तेजी से उभर कर आया है।