मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार 28 अक्टूबर को चाक पर मिट्टी के दिये बनाये। सीएम मोहन ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में आयोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मिट्टी के खिलौने और कलाकृतियाँ बनाने वाले कारीगरों से मुलाकात कीं। इस मौके पर उन्होंने कारीगरों के साथ मिलकर मिट्टी के दीये बनाए। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान को दोहराया और अपने क्षेत्र में बने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का भी संदेश दिया।
सीएम ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के उपयोग से न केवल हमारी संस्कृति का संरक्षण होता है बल्कि आर्थिक समृद्धि भी आती है। उन्होंने कहा कि 'हमारा यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगा। हम सभी को न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी अपने स्थानीय उत्पादों और कारीगरों का समर्थन करना चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने दिवाली से पहले राजधानी में मिट्टी के खिलौने और कलाकृतियां बनाने वाले कारीगरों से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने मिट्टी के दिये भी खुद बनाए। कलाकारों ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में "जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक प्रयास: भारत की प्रतिबद्धता में राज्यों का योगदान" विषय पर एक सम्मेलन में भी भाग लिया, जहां मुख्यमंत्री ने कलाकारों से मुलाकात की।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हैं और हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि त्योहारों के दौरान हमें अपने आसपास के लोगों से ही खरीदारी करनी चाहिए।
दीपावली त्योहार के मौके पर सीएम ने खुद स्थानीय बाजार जाकर स्थानीय स्तर पर बनी वस्तुएं खरीदने का संकल्प लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि गरीब और मजदूर परिवारों के सदस्य भूखे न रहें और हर किसी के जीवन में दिवाली की खुशी फैले। यह सामूहिक प्रयास सभी के एक साथ आकर त्योहार मनाने की भावना का प्रतीक है।
साथ ही उन्होंने 'हर घर दिवाली' अभियान के तहत लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिवाली का त्योहार मनाने में मदद करें. इस पहल के जरिए हमारे घर में बेकार पड़ी चीजें दूसरों के काम आ सकती हैं।