भोपाल। राज्य मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक विकास नरवाल ने प्रदेश की कृषि उपज मंडियों का निरीक्षण करने वाले उडऩ दस्ते को सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों को सौंपी है।

इस संबंध में नरवाल ने जिला कलेक्टरों को पत्र लिख कर कहा है कि कृषि उपज के मण्डी प्रागंण में अनुबंध और मण्डी क्षेत्र में सौदा पत्रक के माध्यम से विक्रय संव्यवहार संपादित होता है, जिस पर मंडी एक्ट के तहत राज्य शासन द्वारा निर्धारित दर पर मण्डी फीस एवं निराश्रित शुल्क लगता है।

कृषि उपज का विक्रय संव्यवहार मण्डी समितियों के नियंत्रण के अधीन संचालित है तथा उक्त एक्ट में मण्डी बोर्ड और मण्डी समितियों के अधिकारियों/कर्मचारियों को कृषि उपज का व्यापार करने वाले प्रतिष्ठानों, भंडारगृह, वाहनों इत्यादि की जांच करने के साथ ही उपज को अभिग्रहित करने की शक्ति प्राप्त है।

नरवाल ने पत्र में कहा है कि मण्डी एक्ट के प्रावधानों के क्रियान्वयन, मण्डी क्षेत्र में नियमन व्यवस्था लागू करने, कृषि उपज की अवैध खरीदी और परिवाहन पर अंकुश लगाने के लिये मण्डी बोर्ड के संभागीय कार्यालय और मण्डी समितियों को निरीक्षण दल/उडऩदस्ता गठित कर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। मण्डी के उडऩदस्ते शासकीय उपार्जन के दौरान प्रदेश के बाहर से अनाधिकृत कृषि उपज की आवक पर रोक लगाने में भी सहायक हैं।

उक्त प्रयोजन के लिये मण्डियों के उडऩदस्ते कई अवसरों पर सुनसान इलाकों के अलावा राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों पर रात्रिकालीन निरीक्षण ड्यूटी पर तैनात रहते हैं, जिस दौरान कई अवसरों पर कृषि उपज के अवैध व्यापार एवं परिवहन में संलग्न असमाजिक तत्वों से स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा की आवश्यकता भी पड़ती है। इसलिये जिले के अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को मण्डी बोर्ड एवं मण्डी समितियों के निरीक्षण दलों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासकीय सहयोग और सुरक्षा प्रदान करने हेतु निर्देशित करें।