मध्यप्रदेश में दिसंबर 2022 तक की अवैध कॉलोनियां अब वैध हो गई हैं। सीएम शिवराज ने इसके साथ चेतावनी भी दी कि अब अगर अवैध कॉलोनी कटी, तो विभागीय अफसर जिम्मेदार होंगे। पहले वर्ष 2016 तक निर्मित कॉलोनियों को वैध करने का निर्णय था, जिसे संशोधित कर वर्ष 2022 कर दिया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में एक कार्यक्रम में अनाधिकृत कालोनियों के नियमितीकरण के लिए भवन अनुज्ञा प्रदाय कार्यक्रम में यह ऐलान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन से हुआ। जिलों के नगरीय निकाय भी कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े। 

CM शिवराज ने इस मौके पर कॉलोनियों में गरीबों से 20% विकास शुल्क न लेने की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह की मांग पर भी सहमति दी। उन्होंने कहा कि मैं भूपेंद्र जी से सहमत हूं। हमारी विकास करने वाली सरकार है, इसलिए खरीदी-बिक्री के लिए विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा। रेगुलर कॉलोनियों में विकास के लिए उपलब्धता के आधार पर राशि उपलब्ध कराएंगे। 

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि इन कॉलोनियों में विकास के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। अधोसंरचना से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। पानी और बिजली के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। लोगों की जिंदगी आसान बनाना  सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने इसके लिए आवश्यक निर्देश नगरीय विकास एवं आवास विभाग को दिए। अब इन कालोनियों में नागरिकों को बैंक ऋण मिल सकेगा। विधायक सांसदों  निधि की राशि दी जा सकेगी। रहवासी संघ भी बनाए जाएंगे।