भोपाल: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियमों में माना जाता है कि समिति की रिपोर्ट कार्यपालिका के लिए अनुशंसा होती हैं. लेकिन यदि समितियां पूरी दक्षता के साथ अपना कार्य करें, जांच करें, तो सरकार उनकी रिपोर्ट मानने के लिए मजबूर हो जाएंगी. गौतम ने सदस्यों से आग्रह करते हुए कहा कि वे समिति की बैठकों में शामिल अवश्य हों.
गौतम ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए विधानसभा की विभिन्न समितियों की पहली संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने ने कहा कि समिति के कुछ सदस्य बैठकों में शामिल तक नहीं होते हैं. यह उचित तरीका नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि सदस्यों की कोई नाराजगी है, तो वह राजनैतिक दलों के प्रति हो सकती है, लेकिन यह नाराजगी विधानसभा या समितियों के प्रति नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि समितियों की बैठक को वे एक अलग दृष्टिकोण से देखना पसंद करते हैं. इन बैठकों को सिर्फ औपचारिकता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आजकल वैसे भी विधानसभा की बैठकें ज्यादा लंबे समय तक नहीं चलती हैं. बजट सत्र भी कई बार काफी संक्षिप्त हो जाते हैं. ऐसी स्थितियों में समितियों के माध्यम से विधायक बेहतर कार्य कर सकते हैं.
बैठक में जालम सिह पटेल, सभापति तथा गौरीशंकर बिसेन एवं रामपाल सिंह ने भी संबोधित किया। इस बैठक में नवगठित समितियों के सभापति श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, विजय पाल सिंह, केदारनाथ शुक्ल, पंचूलाल प्रजापति, बहादुर सिंह चौहान, पीसी. शर्मा, उमाकांत शर्मा एवं इन समितियों के सदस्यगण उपस्थित थे.