सियासत में बयानबाजी अक्सर होती रहती है लेकिन चुनावी मौसम में सिर्फ़ एक ग़लत बयान ही पूरी बनी बनाई रणनीति पर पानी फेरने के लिए काफ़ी होता है। गुजरात में पहले चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार तो खत्म हो गया लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान ने राज्य ही नहीं बल्कि देश का सियासी पारा बढ़ा दिया है।
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी की तुलना ‘रावण’ से कर दी। उसके बाद से ही न सिर्फ़ गुजरात बल्क़ि पूरे देशभर में सियासी पारा काफ़ी गर्म हो गया। बीजेपी अब इस मुद्दे पर कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक है।
खड़गे ने मोदी को बताया रावण-
दरअसल, हर चुनाव में बीजेपी की तरफ से पीएम मोदी को स्टार प्रचारक बनाए जाने पर अहमदाबाद के बेहरामपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने इस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी जी प्रधानमंत्री हैं। वह अपना काम छोड़कर नगर निगम का चुनाव, MLA का चुनाव, MP के चुनाव में प्रचार करते रहते हैं। हर वक्त अपनी ही बात करते हैं- 'आप किसी को मत देखो, मोदी को देखकर वोट दो'। जनता आपकी सूरत कितनी बार देखें? आपके कितने रूप हैं? क्या रावण की तरह 100 मुख हैं?
संबित पात्रा बोले- गुजरात उनको सबक सिखाए
इसके बाद से ही बीजेपी की तरफ से नेताओं ने कई बयान जारी कर कांग्रेस और खड़गे पर तीखा हमला बोला। संबित पात्रा ने मोर्चा संभालते कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी के लिए जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है, वह निंदनीय है। कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को 'रावण' कहा है। इस प्रकार का गाली-गलौज देश के प्रधानमंत्री के लिए करना, यह उचित नहीं है। यह कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रत्येक गुजराती से हम ये अपील करते हैं कि जिस कांग्रेस नेता ने गुजरात के बेटे के खिलाफ, गुजरात के सम्मान के खिलाफ, ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है, गुजरात उनको सबक सिखाए। आपको लोकतांत्रिक तरीके से इसका बदला लेना है। जब भ्रष्टाचारी गाली देते हैं तो ये तय होता है कि हमारे प्रधानमंत्री कुछ अच्छा कर रहे हैं, जब टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले गाली देते हैं तो ये तय होता है कि प्रधानमंत्री देश को जोड़ रहे हैं।
अमित मालवीय बोले- खड़गे चुनाव की गर्मी नहीं झेल पाएं
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता अमित मालवीय ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर प्रधानमंत्री का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे गुजरात चुनाव की गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने अपने शब्दों पर नियंत्रण खो दिया और पीएम मोदी को 'रावण' कह दिया। कांग्रेस लगातार गुजरात और उसके बेटे का अपमान कर रही है।
क्या कांग्रेस को होगा नुकसान-
दूसरी ओर ऐसा लगता है कि कांग्रेस अपनी गलतियों से सबक लेने को तैयार ही नहीं है। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए नीच शब्द का प्रयोग किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री ने इसे भावनात्मक मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस की हार तय कर दी थी। इससे पहले सोनिया गांधी ने भी नरेंद्र मोदी को 'मौत का सौदागर' बताया था जिससे कांग्रेस को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हुआ था।
फ़िलहाल बीजेपी इस विवादित बयान के ज़रिये कांग्रेस को घेरने में जुटी हुई हैं लेकिन अब देखना ये होगा कि चुनावी बयानबाजी के बीच गुजरात की जनता किसे अपना ‘राम’ बनाएगी और किसे रावण सिद्ध करेगी?
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