भोपाल। प्रदेश के राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने सभी समस्त संभागायुक्त, जिला कलेक्टरों, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को निर्देश जारी कर कहा है कि निजी संस्थाओं के स्वामित्व वाली भूमि की भू-अधिकार पुस्तिका बनाते समय उसमें समग्र आईडी एवं फोटो डालना अनिवार्य नहीं होगा।
प्रमुख सचिव ने कहा है कि भू-अधिकार पुस्तिका केवल कम्प्यूटरीकृत रूप में जारी की जायेगी। पूर्व में भौतिक रूप से जारी भू-अधिकार पुस्तिका यथावत् प्रचलन में रहेगी परन्तु नवीन भू-अधिकार पुस्तिका कम्प्यूटरीकृत रूप में ही जारी होगी। भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ हेतु 30 रुपये एवं अतिरिक्त प्रति पृष्ठ 15 रुपये शुल्क रहेगा।
प्रमुख सचिव ने कहा है कि भू-सर्वेक्षण उपरांत प्रथम बार भू-अधिकार पुस्तिका संबंधित भूमिस्वामी को नि:शुल्क प्रदान की जायेगी। भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर संबंधित भूमिस्वामी की समग्र आईडी यथासंभव डाली जायेगी। किसी भूमिस्वामी की समग्र आईडी उपलब्ध न होने की स्थिति में उसे भू-अधिकार पुस्तिका प्राप्त करने के अधिकार से वंचित नहीं किया जायेगा। भू-अधिकार पुस्तिका पर यथासंभव भूमिस्वामी का फोटो मुद्रित होगा।
यदि संबंधित भूमिस्वामी का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध है तो उसे भूमिस्वामी से सत्यापित कराया जाकर भू-अधिकार पुस्तिका पर मुद्रित कराया जायेगा, परन्तु यदि भूमिस्वामी का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध नहीं है तो बिना फोटो के भी भू-अधिकार पुस्तिका जारी की जा सकेगी। ऐसी स्थिति में जारी की गई भू-अधिकार पुस्तिका के उपयोग से पूर्व भूमिस्वामी को यथास्थान फोटो चस्पा करना होगा।