राजस्थान में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर पार्टी में मची तकरार के बाद कांग्रेस आलाकमान एक नये 'गेमप्लान' पर काम कर रहा है। इस गेमप्लान के तहत सचिन पायलट की राह आसान बनाने गहलोत गुट के विधायकों को साधने पर फोकस किया जा रहा है। 

सूत्रों के मुताबिक इस 'गेमप्लान' के अनुसार गांधी परिवार अपने वादे के मुताबिक सचिन पायलट को सीएम बनाने से पीछे नहीं हटेगा जबकि बाकी गहलोत कैंप के विधायकों में असंतोष को काम करने अधिकाँश को मंत्री बनाये जाने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। साथ ही गहलोत-पायलट कैंप में संतुलन के लिए कोआर्डिनेशन कमेटी भी बनाने का प्लान है। पर्यवेक्षक अजय माकन को इस संबंध में विधायकों से वन टू वन बातचीत की जिम्मेदारी सौंपे जान की बात सामने आ रही है। 

अजय माकन ने ने भी स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल दिल्ली नहीं जा रहे हैं। उन्हें सोनिया गांधी ने विधायकों से 'वन टू वन 'बात करने का निर्देश दिया है। वे आज सभी विधायकों से मिलकर उनकी राय लेंगे और इस गेमप्लान को लेकर विधायकों की राइ जानेंगे। 

प्रयास ये भी किये जा रहे हैं की सभी विधायक यह प्रस्ताव पास करें कि अंतिम फैसला लेने का अधिकार सोनिया गांधी को दिया जाएगा। फिलहाल सीएम अशोक गहलोत के कैंप में 82 विधायक एकजुट बताये जा रहे हैं वहीं सचिन पायलट ने पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है।