भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साले एवं कांग्रेस नेता संजय सिंह मसानी की उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। उनकी सक्रियता से वर्तमान कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल का ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। विधायक पटेल को विश्वास है कि वे मौजूदा विधायक है इसलिए टिकट नहीं कट सकता है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें उदयपुरा से चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी है।
"कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल"

संजय सिंह मसानी बालाघाट जिले के वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। यहां उनकी जमानत जप्त हो गई थी जबकि इन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस से बगावत कर प्रदीप जायसवाल निर्दलीय चुनाव लड़ गए थे और विजयी भी रहे। प्रदीप जायसवाल कमलनाथ गुट के नेता माने जाते थे।
इसके बावजूद भी संजय सिंह के लिए टिकट काट दिया गया था। उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 30 हजार 330 मतदाता हैं। किरार मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करते आ रहे हैं। बताया जाता है कि उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार के लगभग किरार मतदाता है। यह विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बुधनी विधानसभा क्षेत्र से सटा हुआ है। ये दोनों ही समीकरण से कांग्रेस नेता संजय सिंह के चुनाव लड़ने की उम्मीदों को जगा दिया है।
दिलचस्प पहलू यह भी है कि किरार मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में संजय सिंह मसानी के पोस्टर लगाए गए हैं। उसमें धाकड़ संजय सिंह मसानी लिखा गया है। संजय सिंह ने पहली बार धाकड़ शब्द का प्रयोग किया है। कांग्रेस नेताओं की माने तो संजय सिंह ने छुछार गांव में मकान और खरीद ली है।
"उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में लगे संजय सिंह मसानी के पोस्टर"

कांग्रेस नेताओं का कहना यह भी है कि संजय सिंह धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए क्षेत्र में अपनी गतिविधियां और सामाजिक मतदाताओं से मेलजोल बढ़ा रहे हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि संजय सिंह पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के किचिन केबिनेट सदस्य भी हैं। संजय सिंह की सक्रियता को लेकर वर्तमान कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल को उनके कार्यकर्ताओं ने आगाह भी कर दिया है।
यह बात अलग है कि पटेल को विश्वास है कि उनका टिकट नहीं कटेगा, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उनके साथ हैं। जबकि भोपाल के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच रिश्तो में पड़ी दरार और गहराते ही जा रही है।