चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर जल्द ही कांग्रेस से हाथ मिला सकते हैं। पार्टी के ज्यादातर नेता उन्हें पार्टी में लेने के पक्ष में हैं। उनकी विधानसभा और लोकसभा चुनाव रणनीति का अध्ययन करने के लिए गठित एक समिति ने अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंप दी है।
उस रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें शामिल करने पर सहमति जताते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि उन्हें अन्य राजनीतिक दलों से दूर रहना होगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रशांत किशोर कई राजनीतिक दलों के साथ काम कर रहे हैं। इनमें तृणमूल कांग्रेस और तेलंगाना राष्ट्र समिति शामिल हैं।
हम चाहते हैं कि वे अन्य पार्टियों से अलग हों और केवल कांग्रेस के लिए काम करें। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी जल्द ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा कर सकती हैं। लेकिन पार्टी के अंदर उनकी क्या भूमिका होगी, इसपर अभी कोई जवाब नहीं आया हैं।
प्रशांत किशोर ने भी रखी कुछ मांगें :
प्रशांत ने भी अपनी तरफ से कुछ मांगें रखी हैं। वह अपनी कार्य योजना को पूरा करने के लिए फ्री हैंड चाहते है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि, प्रशांत केवल कांग्रेस अध्यक्ष के पास ही अपनी सभी कार्य योजनाए रखेंगे। इसके अलावा, वे चुनावी राज्यों में रणनीति को लागू करने के लिए आवश्यक शक्तियां चाहते हैं। इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम फैसला दोनों की तरफ से लिया जाएगा।
दस जनपथ में हुई बैठक :
इस बीच पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और संगठन के प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को 10 जनपथ पर लंबी बैठक की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि, बैठक में प्रशांत किशोर भी शामिल थे। सोनिया इस मामले में राहुल से चर्चा करने के बाद जल्द ही कोई अंतिम फैसला ले सकती हैं।
प्रशांत की कार्य योजना का अध्ययन करने के लिए गठित समिति के सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक चुनावी रणनीतिकार के रूप में उन्होंने कई अच्छी और जरुरी बाते रखी है। उनकी इस योजना में कई अच्छे सुझाव हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशांत के पार्टी में शामिल होने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।