MP Politics: मध्यप्रदेश की सियासत में जारी पोस्टर वार के बीच PhonePe की एंट्री हो चुकी है. प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ पोस्टर जारी कर वार-पलटवार में लगी हुई है.
हाल ही में शुक्रवार यानी 23 जून को सुबह राजधानी भोपाल के मनीषा मार्केट में लगे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के विवादित पोस्टर सुर्ख़ियों में आये तो शाम होने तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर भी राजधानी में नज़र आने लगे थे.
फ़िलहाल, ये पोस्टर वार पूरे प्रदेश भर में जारी हैं. कहीं पर कमलनाथ-दिग्विजय सिंह तो कहीं सीएम शिवराज के विवादित पोस्टर लगाये जा रहे हैं. इन पोस्टरों के ज़रिये कमलनाथ और शिवराज सरकार के कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार की बात कहीं जा रही है.
सीएम शिवराज के PhonePe वाले पोस्टर पर बवाल-
इन दिनों सीएम शिवराज का PhonePe वाला एक विवादित पोस्टर काफी चर्चाओं में हैं. कांग्रेस ने इस पोस्टर के ज़रिये शिवराज सरकार को घोटाले और भ्रटाचार के मुद्दे पर घेरने का पूरा प्रयास किया. इस पोस्टर में PhonePe का Logo और क्यूआर कोड लगा हुआ है. जिसमें लिखा है- “50% लाओ, फ़ोन पर काम कराओ”.
अब इस पोस्टर वार के बीच शायद PhonePe के एक ट्वीट से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ऑनलाइन पेमेंट कंपनी PhonePe ने इन सियासी पोस्टरों में उनका Logo इस्तेमाल करने पर ऐतराज जताया है. PhonePe कंपनी ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से MP कांग्रेस को टैग करते हुए लिखा कि ''बिना परमिशन लिए हमारा Logo आपने इस्तेमाल किया है.
जबकि ये Logo हमारी कंपनी का रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क है. किसी को भी हमारे Logo इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है. हम किसी राजनीतिक अभियान या पार्टी से जुड़े नहीं है. उन्होंने कानूनी कार्रवाई का जिक्र करते हुए इन पोस्टरों को हटाने की बात कहीं हैं. हालांकि, कांग्रेस ने PhonePe वाले पोस्टर से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि ये हमने नहीं बल्कि जनता ने पोस्टर लगाए थे.
वहीं, अब इस विवाद में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की भी एंट्री हो गई. उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा, मध्यप्रदेश में कांग्रेस पोस्टर लगाने की डर्टी पॉलिटिक्स कर रही है. तस्वीरों में कांग्रेस के कार्यकर्ता पोस्टर लगाते साफ दिख रहे हैं. पूरे मामले में PhonePe कंपनी शिकायत करेगी तो कार्रवाई करेंगे.