देश में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी देशव्यापी 'महंगाई मुक्त भारत अभियान' चला रही है। विरोध को प्रभावी बनाने के लिए राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता सड़कों पर उतर आए हैं। कांग्रेस पार्टी ने महंगाई के मुद्दे पर मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर कई हमले बोले।
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मीडिया को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, देश की जनता महंगाई से प्रभावित है, इसीलिए हमने दिन-ब-दिन बढ़ रही कीमतों पर सदन में सवाल उठाए और हमने बहुत सी चीजों पर अपनी मांगें मनवाने की कोशिश की। पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी, केरोसिन के जो रोज दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने चुनाव से पहले तो पेट्रोल के दाम कम किए। लेकिन पांच राज्यों के चुनाव के बाद लोगों का शोषण शुरु कर दिया है।
महंगाई के मुद्दे को उठाने नहीं दिया..!
खड़गे बोले, हम महंगाई के मुद्दे पर चर्चा चाहते थे, हम लोगों को बताना चाहते थे कि जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम कम हो रहे हैं, लेकिन यहाँ पर रोज दाम बढ़ रहे हैं। जब यूपीए सरकार के दौरान क्रूड ऑयल का दाम उच्चतम स्तर पर गया था, तब हमने जनता को सब्सिडी देकर दाम कम किए थे। लेकिन सरकार ने इस पर बात नहीं करने दी, महंगाई के मुद्दे को उठाने नहीं दिया। सरकार ने संसद शुक्रवार तक चलाने का एजेंडा दिया था, हम तैयार थे। लेकिन सरकार ने अचानक आज सुबह 11 बजे ही संसद सत्र बंद कर दिया। इससे यही समझ सकते हैं कि सरकार किसानों, गरीबों, बेरोजगारों व जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहती है।
अचानक सत्र रद्द कर दिया, नहीं दी जानकारी :
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बोले, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में हमने रूल 193 के तहत दो मुद्दे रखे थे। गृह मंत्रालय पर चर्चा होनी चाहिए और रक्षा मंत्रालय की डिमांड पर भी चर्चा होनी चाहिए। हमारी तरफ से मांग की गई थी कि रुस-यूक्रेन जंग के दौरान उत्पन्न स्थिति में हमारे देश के छात्र-छात्राएं जो फंसे हुए थे और इस परिस्थिति में हमारा क्या रुख है, इस पर चर्चा होनी चाहिए। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में यह चर्चा हो चुकी थी, महंगाई पर चर्चा होगी। लेकिन आज अचानक ये सत्र रद्द कर दिया गया, हमें सदन रद्द होने की जानकारी पहले नहीं दी गई थी।
क्यों रद्द किया संसद सत्र..!
कांग्रेस नेता जयराम रमेश बोले, मैं समझता हूं कि जब बिल लंबित थे, उनके लिए समय अलॉट हो चुका था। महंगाई और किसान संगठनों के साथ समझौते के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिए थे। सरकार ने इन मुद्दे से भागने के लिए संसद सत्र रद्द किया है।