पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान पर नुपूर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को भले ही बीजेपी ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया हो लेकिन इस पर राजनीति खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि पिछले दिनों एक बयान के कारण भारत को लज्जित होना पड़ा। पूरा विश्व जिसके मन में भारत की एक अच्छी छवि है। भारत के सत्तारूढ़ दल के चेहरों से, उनके बयानों से, प्रधानमंत्री की चुप्पी से, पूरा विश्व हैरान रह गया। गृहमंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक चुप हैं।

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उन्होंने कहा, पिछले 8 वर्षों में इस देश के विपक्ष, प्रबुद्ध नागरिकों, बुद्धिजीवी वर्ग और जो बचा कुचा स्वतंत्र मीडिया है, उसने प्रधानमंत्री को यह आभास दिलाने की कोशिश की कि यह देश विविधताओं का देश है। इसे छोटे दिल और दिमाग से नहीं चलाया जा सकता। कई ऐसे मौके आए जब हमने इसी मंच से आगाह किया। इस देश के रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स भी आपको सलाह देते रहे। आपने ना कुछ सुना और ना ही कुछ बोला।

पवन खेड़ा बोले, आज यह परिस्थितियां पैदा हो गई कि विदेशी मुल्कों की घुड़की पर आप तुरंत कार्रवाई कर गए और अपने देश से जो आवाजें उठती हैं, उनको दबाते हैं। कार्रवाई यह की कि अपने ही दल के अधिकृत प्रवक्ताओं को 'फ्रिंज' कह दिया।हमें यह समझ नहीं आता कि आप कैसे फ्रिंज कह सकते हैं, क्योंकि आप भी तो इन्हीं रास्तों से गुजर कर यहां तक पहुंचे हैं। यही गलियां थीं जिनसे गुजरकर आप यहां तक पहुंचे हैं।

मोदी पर निशाना साधते हुए पवन खेड़ा बोले, आज आपकी गलतियों का खामियाजा देश भुगत रहा है। जो काम विश्व के अनेक देशों को भारत के खिलाफ लामबंद करने का था, वो काम पाकिस्तान 70 साल में नहीं कर पाया, आपने 8 सालों में करके दिखा दिया। पीएम मोदी आपने इस देश को बहुत शर्मिंदा कर दिया। ये देश अब शर्मिंदा होने से इनकार करता है। हम आपकी गलतियों से शर्मिंदा नहीं होंगे। न सही वक्त पर आपने सही बात सुनी और न सही बात बोली, आज अलग-अलग मुल्कों के सामने आपको सफाई देनी पड़ रही है। यह हमें बर्दाश्त नहीं है।

उन्होंने कहा, अब भी समय है प्रधानमंत्री जी, चेत जाइए और यह जो सांप पालने का शौक आपने पाला हुआ है, इस शौक को अब खत्म कीजिए। बीन बजाइए और सांपों को अपने बिलों में वापस भेजिए, क्योंकि यह सांप अब आपको भी डसने वाले हैं। पिछले हफ्तों में, हमें एक देश के रूप में बहुत शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है।

पूरी दुनिया में भारत की एक खास छवि है। यह एक सुंदर छवि है। एक ऐसे देश की छवि जो अपने साथ लिए जा सकने वाले विषम अंतर्विरोधों पर गर्व करता है। इसमें शांतिपूर्वक रहने वाली कई संस्कृतियां, धर्म और भाषाएं हैं, जिससे हमे एक दूसरे से सीखना भी है। हमें इस पर बहुत गर्व हुआ है और भारत ने जिस तरह से विरोधाभासों के बावजूद इसे इतनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है, उससे दुनिया बहुत हैरान है।