सदस्यता का तेलंगाना मॉडल और नेताओं के बीच मतभेद
उल्लेखनीय कि कल जिला अध्यक्षों व पदाधिकारियों की बैठक में दिग्विजय सिंह और अरुण यादव की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है. दोनों नेताओं के बीच खरगोन में एक समारोह में मुलाकात से भी चर्चा है किकांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। हालांकि बैठक में अजय सिंह मौजूद थे और सुरेश पचौरी भी थे सूत्रों की मानें तो अरूण यादव लंबे समय से अपनी उपेक्षा और प्रभावक्षेत्र में अपने समर्थकों को पर कतरे जाने से नाराज हैं, दरअसल यादव का मुखर विरोध वही नेता कर रहे हैं जो कमलनाथ के खास समर्थक भी माने जाते हैं।
8 दिन का अल्टीमेटम
कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सभी जिलाध्यक्षों को 8 दिन का अल्टीमेटम देते हुए दो टूक कहा है कि मंडलम सेक्टर में 25 फरवरी तक नियुक्तियां करें ऐसा नहीं करने वाले जिलाध्यक्ष दूसरे ही दिन इस्तीफा दे दें। उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ सदस्यता अभियान पर फोकस करें। यदि किसी जिले में आपसी विवाद है, तो उसे बैठकर निपटाएं। नाथ ने अच्छे काम पर जिलाध्यक्षों को पुरस्कार देने का ऐलान भी किया।
सदस्यता 31 मार्च तक
कांग्रेस के संगठन चुनाव का सिलसिला 31 मार्च को सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद प्रारंभ होगा। एक से 15 अप्रैल तक चुनाव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की सूची प्रकाशित की जाएगी। 16 अप्रैल से 31 मई के बीच मतदान केंद्र और ब्लाक समितियों का चुनाव होगा। दूसरे चरण में 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, कार्यकारिणी और आखिर भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य का चुनाव होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच होगा। प्रदेश संगठन के चुनाव के लिए रिटर्निंग अफसर बनाए गए रामचंदर खुटिया ने बताया कि सदस्यता अभियान पूरा होने के बाद मतदानवार सदस्यता सूची तैयारी की जाएगी। चुनाव के लिए प्रदेश को तीन हिस्सों में बांटा गया है। सहायक निर्वाचन अधिकारी क्रांति शुक्ला को ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के 25 जिलों का प्रभार दिया गया है। वहीं, तरुण त्यागी के पास भोपाल, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर सहित 22 जिलों का प्रभार रहेगा चक्रवर्ती शर्मा को उज्जैन, मंदसौर, इंदौर, धार, झाबुआ सहित 21 जिलों के संगठन चुनाव की जिम्मेदारी दी गई है। सदस्यता अभियान के प्रभारी प्रकाश जैन ने बताया किकांग्रेस के संगठन जिले 64 और ब्लाक 484 हैं।