मध्यप्रदेश में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में वोट नहीं देने वाले 26 पार्टी नेताओं से जवाब मांगा जा सकता है, यह संकेत निर्वाचन अधिकारी आरसी खुंटिया ने दिये हैं। हालांकि यह भी पता करने की कोशिश है कि कुछ नेताओं ने दिल्ली में वोट तो नहीं दिया।ज्ञात हो कि कुल 502 प्रदेश प्रतिनिधियों में से 476 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इनमें 464 ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय स्थित मतदान केंद्र में मत डाले तो 12 ने अन्य राज्यों में मतदान किया।जबकि 26 प्रतिदिन अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव भी शामिल हैं। बताया जाता है कि वे विदेश में हैं तथा इसकी सूचना वे पहले दे चुके हैं।

निर्वाचन अधिकारी रामचंद्र खुटिया ने कहा कि जो प्रतिनिधि मतदान करने नहीं आए, उनके कारण पता लगाए जाएंगे। हालांकि यह भी संभव है कि यह नेता अपने क्षेत्र में नगरीय निकाय के चुनाव में व्यस्त रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ, वरिष्?ठ नेता सुरेश पचौरी ने मतदान किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री पचौरी ने कहा कि जो भी नया अध्यक्ष बनेगा वो कांग्रेस को नई ऊर्जा देगा।

मतदान को लेकर प्रतिनिधियों में उत्साह दिखा। बता दें कि अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर प्रत्याशी थे। जानकारी के अनुसार चुनाव के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अशोक सिंह, महामंत्री जेपी धनोपिया, महेन्द्र सिंह चौहान और अजय चौरड़िया को अभिकर्ता बनाया । वहीं, शशि थरूर के अभिकर्ता प्रदेश सचिव अर्जुन शर्मा, प्रवक्ता जितेन्द्र मिश्रा, संतोष परिहार और भोपाल जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार सिंह बनाए गए।

मतदान के लिए प्रदेश प्रतिनिधियों को आवंटित क्रम के अनुसार केंद्र आवंटित किए गए थे। खड़गे को जिस तरह से वरिष्ठ पार्टी नेताओं का समर्थन मिला है, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि प्रदेश से अधिकतर प्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त होगा।

कांग्रेस ने गांधी चौपाल में समाजसेवियों का सम्मान 

कांग्रेस की गांधी चौपालों की कड़ी में विधायक आरिफ मसूद ने गांधी चौपाल लगाई स्वतंत्रता सेनानियों, खिलाड़ियों, सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले समाजसेवियों का सम्मान किया, चौपाल में बड़ी संख्या में लोग आए। मसूद के नेतृत्व में गांधी चौपाल का सिलसिला क्षेत्र में लगातार चल रहा है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गांधी जी के नमक सत्याग्रह की याद आ गई। वजह यह है कि बीजेपी सरकार अपना खजाना बढ़ाने के लिए आटा और चावल पर भी टैक्स लगा दिए हैं।

जबकि एक जमाना था जब नमक पर लगे टैक्स को हटाने के लिए गांधी जी की अगुवाई में साबरमती से दांडी तक की यात्रा हुई थी और उसके बाद पूरे देश में जगह जगह नमक सत्याग्रह हुआ। छोटे छोटे इलाकों में लोगों ने खुद नमक बनाकर इस कानून को तोड़ा और आखिरकार सरकार को नमक के ऊपर लगे टैक्स को हटाना पड़ा। मसूद ने कहा आज मोदी सरकार में दैनिक उपयोग की वस्तु की तमाम चीजें महंगी है, महंगाई चरम पर है, सरकार इस मंहगाई से ध्यान भटकाने के लिए नफरत और भ्रम फैला रही है।