अयोध्या में बन रहे रामलला के मंदिर के गर्भगृह का निर्माण शुरू हो गया है। गोरक्ष पीठ के महंत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास के साथ इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्वामी परमानंद भी उपस्थित थ. राम मंदिर आंदोलन से जुड़े 100 से ज्यादा संतों सहित 300 भक्त इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। 500 साल तक चले विवाद के बाद श्रीराम का मंदिर बनाया जा रहा है.
इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह नौ बजे अयोध्या पहुंच गए थे। यहां से वे पहले साढ़े नौ बजे हनुमानगढ़ी में दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने वहां पूजा अर्चना की। इसके बाद वे राम जन्मभूमि के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण शुरू हुआ जिसके पहले चरण का काम पूरा हो गया है। आज दूसरे चरण का काम शुरू हुआ है। आज का दिन राम भक्तों के लिए खुशी का दिन है। हनुमानजी की कृपा से सब काम हो रहे हैं। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मंदिर निर्माण का साक्षी बन रहा हूं।
इससे पहले सीएम के दौरे की तैयारी के लिए मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे थे। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की टीम ने रामजन्मभूमि परिसर में तैयारियां पूरी कीं। कमिश्नर नवदीप रिनवा, जिलाधिकारी नीतिश कुमार और आईजी रेंज केपी सिंह ने रामजन्मभूमि परिसर में निरीक्षण किया। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए भव्य पंडाल सहित पूरे परिसर को देखा।
एक हजार साल से ज्यादा टिकने वाले राम मंदिर परिसर में एक तीर्थ सुविधा केंद्र बनेगा। यहां लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। राम मंदिर के अलावा इस परिसर में भगवान वाल्मीकि, माता शबरी, जटायु, केवट, माता सीता, विघ्नेश्वर (गणेश) और शेषावतार (लक्ष्मण) के मंदिर बनाने की भी योजना बनी है।