कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव परिणाम 2022: कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार, 17 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी, जिसके परिणाम आज घोषित किए जाएंगे। इसके लिए कांग्रेस मुख्यालय में वोटों की गिनती शुरू हो गई है।

देश भर में स्थापित 68 मतदान केंद्रों से सभी सीलबंद मतपेटियों को पार्टी मुख्यालय के स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचा दिया गया है। सीलबंद मतपेटियों को उम्मीदवारों के एजेंटों के सामने खोला जाएगा और मतपत्रों को मिलाया जाएगा।

काउंटिंग शुरू होने के बाद, शशि थरूर खेमे ने वोटिंग में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। ये आरोप शशि थरूर के चुनावी एजेंट सलमान सोज ने लगाया है।

तो वहीं कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि मतदान के बाद कहीं से कोई शिकायत नहीं आई तथा पूरी प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी रही है। मतदान गुप्त रहा है। उन्होंने कहा कि इसका पता नहीं लगाया जा सकता कि किसे किसने वोट दिया तथा किस राज्य से किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले

वहीं दूसरी ओर मल्लिकार्जुन खड़गे का जीतना लगभग तय माना जा रहा है। इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने दावा किया कि मल्लिकार्जुन खड़गे भारी बहुमत से चुनाव जीतेंगे। वहीं, शशि थरूर खेमे के वोटिंग में धांधली के आरोपों पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि हारने वाला अक्सर ही इस तरह के आरोप लगाता आया है। इसमें कोई नई बात नहीं है।

कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में अध्यक्ष पद के लिए छठी बार चुनाव हुआ है। अध्यक्ष पद के लिए अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं।

1939 में जब अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था, तब महात्मा गांधी के उम्मीदवार पी सीतारमैया नेताजी सुभाष चंद्र बोस से हार गए थे। फिर आजादी के बाद पहली बार 1950 में पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए चुनाव हुआ, तब पुरुषोत्तम दास टंडन और आचार्य कृपलानी का आमना-सामना हुआ। इस चुनाव में सरदार वल्लभभाई पटेल के खास माने जाने वाले टंडन ने तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू की पसंद को पछाड़ दिया था।

1977 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी हार मिली थी, जिसके बाद देव कांत बरूआ ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे दे दिया था। इसके बाद के ब्रह्मानंद रेड्डी ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में सिद्धार्थ शंकर रे और करण सिंह को हराया। 

20 साल बाद 1997 में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। इस चुनाव में सीताराम केसरी ने शरद पवार और राजेश पायलट के साथ त्रिकोणीय मुकाबले में जीत हासिल की थी। महाराष्ट्र और यूपी के कुछ हिस्सों को छोड़कर सभी राज्य कांग्रेस इकाइयों ने केसरी का समर्थन किया था। उन्हें 6,224 वोट मिले जबकि पंवार को 882 और पायलट को महज 354 वोट मिले थे।

2000 में जब चुनाव हुआ तब पहला मौका था किसी ने गांधी परिवार के किसी सदस्य को चुनौती दी थी। इस चुनाव में सोनिया गांधी के खिलाफ जितेंद्र प्रसाद ने दावा ठोका था। इस चुनाव में प्रसाद को करारी हार मिली थी। सोनिया को 7,400 से ज्यादा वोट मिले थे, जबकि प्रसाद के खाते में केवल 94 वोट पड़े थे।

सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सबसे लंबे समय तक काबिज रहने वाली एकमात्र नेता हैं। वह 1998 से इस पद पर हैं। हालांकि 2017 और 2019 में राहुल गांधी ने भी इस पद को संभाला था।

इस चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं सहित लगभग 9,500 प्रतिनिधियों ने सोमवार को पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए मतदान किया। लगभग 96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए वोटों की गिनती आज की जा रही है। वोटों की गिनती सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है। इसके साथ ही 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति पार्टी की बागडोर संभालेगा। यह मुकाबला मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच है।

अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कांग्रेस में पिछले दिनों हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला था। पहले अशोक गहलोत, फिर दिग्विजय सिंह औऱ उसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस आलाकमान ने चुना था।  खड़गे के विरुद्ध शशि थरूर अगर सम्मानजनक वोट पाने में सफल रहते हैं, तो ये भी किसी जीत से कम नहीं होगा।