बेंगलुरू: कर्नाटक में कोरोना की स्थिति देश के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि देश में कोरोना की तीसरी लहर तेज़ी से फैल रही है. बड़ी संख्या में 10 साल से कम उम्र के बच्चे कोरोना से संक्रमित हों रहे हैं और ताजा आंकड़ों ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सतर्क कर दिया है. इस महीने दस साल से कम उम्र के पीड़ितों की संख्या में 77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
कर्नाटक में कोरोना के ताजा प्रकोप ने अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है. राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों में 10 साल से कम उम्र के बच्चों का अनुपात तेजी से बढ़ रहा है. इस महीने तक 10 साल तक के 12,876 बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. दिसंबर में इस आयु वर्ग के 376 बच्चे कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे, जबकि नवंबर में सिर्फ 332 बच्चे ही संक्रमित हुए थे.
आकड़ो के अनुसार, पिछले छह महीने में कुल मरीजों की संख्या 7,246 है और 22 जनवरी तक 12,800 से ज्यादा बच्चे कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. यह 77 फीसदी की बढ़ोतरी है. रोजाना मरीजों की संख्या को देखते हुए इसमें लगातार इजाफा होता दिख रहा है. पिछले 22 दिनों में रोजाना औसतन 585 बच्चे संक्रमित हुए हैं. 16 जनवरी तक यह औसतन 350 था, लेकिन पिछले सप्ताह में इसमें और इजाफा हुआ है. 16 जनवरी तक 5,726 मरीज पंजीकृत हुए और अगले सप्ताह में 7,150 नए मरीज जुड़ गए.
इस बीच स्वास्थ्य विभाग की तरफ से और जानकारी दी गई. एक अधिकारी ने कहा कि, छोटे बच्चों में हल्के लक्षण पाए जाते हैं. पिछले एक महीने में कोरोना मरीजों की कुल संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. इसलिए इस आंकड़े की उम्मीद पहले से ही लगाई जा चुकी थी. चूंकि लक्षण हल्के हैं, इसलिए अधिकांश बच्चे होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं. इसलिए स्थिति नियंत्रण में है.