नई दिल्ली: देश में इस समय कोरोना वैक्सीन के बूस्टर डोज की तीसरी खुराक की चर्चा हो रही है. लगातार बूस्टर डोज की मांग बढती जा रही है. यह तीसरी खुराक अब हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को दी जाएगी. लेकिन इस खुराक को सरकारी स्तर पर बूस्टर डोज नहीं बल्कि 'एहतियाती खुराक' कहा जाता है. यह खुराक दूसरी खुराक के 9 से 12 महीने बाद दी जा सकती है. आधिकारिक सूत्रों ने रविवार के दिन यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में उपयोग में आने वाले कोविशील्ड और कोवैक्सिन टीकों पर टीकाकरण कार्यक्रम में काम किया जा रहा है और जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
अगले साल 10 जनवरी से तीसरी खुराक 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों और अन्य गंभीर बीमारियों वाले लोगों को उनके डॉक्टरों की सलाह पर दी जाएगी. यह 'एहतियाती खुराक' टीके के रूप में टीके की तीसरी खुराक को इंगित करता है. एक सूत्र ने कहा कि टीकाकरण विभाग और टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के बीच कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक के बाद एहतियाती खुराक 9 से 12 महीने बाद दी जा सकती है.
देश में 61 प्रतिशत से अधिक वयस्क आबादी को टीके की दोनों खुराकें मिल चुकी हैं. इसी तरह, लगभग 90 प्रतिशत वयस्क आबादी को वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है. देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की कुल 141.37 करोड़ डोज दी जा चुकी हैं.