भोपाल। राजधानी परियोजना प्रशासन भोपाल-सीपीए की विधायक विश्राम गृह स्थित अचल सम्पत्तियों को अब लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत शामिल किये जाने की तैयारी चल रही है। ऐसा इसलिये ताकि इनका रखरखाव भी लोनिवि कर सके।
उल्लेखनीय है कि राजधानी के विधायक विश्राम गृह परिसर में 12 अचल सम्पत्तियां सीपीए के स्वामित्व में हैं तथा इनका किराया भी सीपीए के खाते में जमा होता है। इन अचल सम्पत्तियों में शामिल हैं : विधायक विश्राम गृह परिसर में 32 अस्थाई आवास (मजदूरों के लिये बने हैं), 27 दुकानें, एक रेस्टोरेंट, 118 गैराज, खण्ड क्रमांक 1,2 व 3 में 306 कक्ष, ओल्ड फैमिली ब्लाक खण्ड 1 में 24 कक्ष, न्यू फैमिली ब्लाक खण्ड ए,बी व सी में 24 कक्ष एवं खण्ड एन 1 एवं एन 2 में 48 कक्ष, विशिष्ट अतिथि गृह में 9 कमरे एवं 2 सूईट्स, एक विधानसभा उप कार्यालय, 2 सुरक्षा चौकियां तथा रेस्ट हाऊस परिसर में 4 पार्क।
उक्त सम्पत्तियों का स्वामित्व एवं रखरखाव सीपीए के पास ही है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गत 20 अगस्त 2021 को भोपाल नगर की विभिन्न सडक़ों की स्थिति की समीक्षा बैठक में सीपीए को बंद करने का निर्णय लिया था तथा इसका प्रस्ताव मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने तैयार किया था। सीपीए के अंतर्गत 225 नियमित अधिकारी एवं कर्मचारी, 153 कार्यभारित कर्मचारी, 1172 सफाईकर्मी, सीपीए के वनमंडल में वन विभाग से आये नियमित 30 अधिकारी/कर्मचारी एवं गैस राहत संभाग-1 में 19 अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं।
अब सीपीए की सभी सम्पत्तियों एवं अमले को अन्य विभागों में मर्ज करने की तैयारी चल रही है जिसमें विधायक विश्राम गृह की सम्पत्तियां लोनिवि के अंतर्गत शामिल किये जाने की तैयारी है। सीपीए इस समय नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत है तथा इसके मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने हाल के विधानसभा सत्र में आये एक सवाल के जवाब में कहा है कि सीपीए को विघटित करने की कार्यवाही प्रचलन में है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि विधायक विश्राम गृह परिसर में सीपीए की बहुत सी अचल सम्पत्तियां हैं तथा इनका किराया भी सीपीए के खाते में ही जमा होता है। विघटन का निर्णय हो गया है तथा इन्हें लोनिवि को हस्तांतरित किये जाने की तैयारी है। हस्तांतरण एवं उसकी प्रक्रिया केबिनेट से तय होंगी।