राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द सुबह करीब 9.30 बजे उज्जैन पहुंचे. वे यहां शाम करीब पांच बजे तक रहेंगे। राष्ट्रपति यहां भोजन भी करेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफला, लड्डू भी चखेंगे। खाना बनाने के लिए राष्ट्रपति भवन से दो कुक उज्जैन आए हैं। पूरा भोजन उनकी निगरानी में ही तैयार हुआ है। उनके खाने की जांच करने के लिए एक—दो नहीं बल्कि पूरे आठ फूड इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें से चार उज्जैन के तथा चार इंस्पेक्टर अन्य जिलों से बुलाए गए हैं।
बताते हैं कि महामहिम को कम मिर्च मसालों का भोजन ज्यादा पसंद है। राष्ट्रपति के मेन्यू में मालवा का प्रसिद्ध व पारंपरिक भोजन भी शामिल किया गया है। इनमें दाल-बाफला तथा लड्डू हैंं. राष्ट्रपति के लिए बनाया गया भोजन पहले फूड इंस्पेक्टर व डाक्टर की टीम चखेगी. सब कुछ ठीक होने यानि कोई गड़बड़ी नहीं होने पर ही राष्ट्रपति को ये भोजन परोसा जाएगा। इसके बाद भी भोजन के सैंपलों को सुरक्षित रखा जाएगा. इनकी बाद में लैब में भी जांच करवाई जाएगी। पीने के पानी की भी जांच की जा रही है।
राष्ट्रपति के आगमन के दौरान हेलीपेड पर चाय, पानी की व्यवस्था है। जहां जांच के लिए फूड इंस्पेक्टर व डाक्टर की टीम मौजूद रहेगी। सर्किट हाउस पर भी एक टीम तैनात रहेगी जहां अधिकारियों की निगरानी में खाना तैयार होने से लेकर उसे परोसने तक काम होगा। यहां दो फूड इंस्पेक्टरों व डाक्टरों की टीम भी टेस्टिंग के लिए मौजूद रहेगी।
इससे पहले कालिदास अकादमी आयोजन के दौरान राष्ट्रपति को हल्का नाश्ता के साथ चाय तथा पानी परोसा जा रहा है। पहले से ही जांच के बाद ओके किए गए खाद्य पदार्थ व पानी को अकादमी में परोसा जाएगा। इधर महाकाल मंदिर में राष्ट्रपति व उनके साथ आने वाले लोगों के लिए महंत विनित गिरी के आश्रम में फल तथा नाश्ते की व्यवस्था की जा रही है। यहां भी निगरानी और टेस्ट के बाद ही उन्हें परोसा जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के उज्जैन आगमन पर महाकाल मंदिर का गर्भगृह मोगरे के फूलों से सजाया गया है.