मां पीतांबरा के दरबार में हर पुकार सुनी जाती है..!
कहा जाता है कि इस सिद्ध पीठ की स्थापना 1935 में परम तेजस्वी स्वामी जी ने की थी। हालांकि, माता पीताम्बरा का जन्म स्थान, नाम और कुल अभी भी एक रहस्य है। अब इस बारे में किसी ने सही जानकारी नहीं दी है। कहा जाता है कि स्वामी जी की तपस्या के कारण ही मां के इस चमत्कारी निवास को पूरे देश में सिद्ध पीठ के नाम से जाना जाता है। यहां मां पीतांबरा चतुर्भुज रूप में विराजमान हैं।
मां #पीतांबरा के #प्राकट्य दिवस पर दतिया का #गौरव_दिवस मनाया जा रहा है।
— Religious Trusts & Endowments Department, MP (@TrustsReligious) May 4, 2022
देखिए #देश के प्रसिद्ध मां पीतांबरा पीठ की भव्यता।@UshaThakurMLA @drnarottammisra @PROJSDatia #JansamparkMP pic.twitter.com/LCt1IQiD7s
यहां भक्त एक छोटी सी खिड़की से मां के दर्शन करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि आगंतुकों को मां की मूर्ति को छूने की अनुमति नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि मां बगुलामुखी पीतांबरा देवी हैं, इसलिए उन्हें पीली चीजें अर्पित की जाती हैं। कहा जाता है कि यहां भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और मां को पीले रंग का वस्त्र पहनाया जाता है, तभी वे उनसे मन्नत मांगते हैं। ऐसा माना जाता है कि मां किसी को निराश नहीं करती।
मां पीताम्बरा ने बुलाया है।#दतिया_दिवस pic.twitter.com/k2o70laFk8
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) May 3, 2022
कहा जाता है कि यदि विधि-विधान से पूजा की जाए तो कार्य शीघ्र ही पूर्ण हो जाते हैं। मां पीतांबरा को शक्ति की देवी माना जाता है और भक्तों द्वारा इस रूप में पूजा की जाती है। राज की इच्छा रखने वाले भक्त यहां आते हैं और गुप्त पूजा करते हैं। मां पीतांबरा शत्रु के विनाश की अधिष्ठात्री देवी हैं और शक्ति प्राप्त करने में मां की पूजा का विशेष महत्व है।
आज पावन नगरी दतिया स्थित मां पीताम्बरा पीठ में मातारानी के पाठ व श्लोक वाचन कर, विधिवत उनकी पूजा अर्चना कर शांति और खुशहाली की कामना की।#माँ_पीताम्बरा pic.twitter.com/8EmrOeh1DI
— Vasundhara Raje (@VasundharaBJP) May 4, 2022
यहां मां पीतांबरा के साथ खंडेश्वर महादेव और धूमावती दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है। मंदिर के दाईं ओर खंडेश्वर महादेव हैं, जिनकी पूजा तांत्रिक रूप में की जाती है। दस महाविद्याओं में से एक मां धूमावती महादेव के दरबार से बाहर हैं। मां धूमावती के दर्शन केवल आरती के समय ही होते हैं, बाकी समय मंदिर के कपाट बंद रहते हैं।
हम रहे ना रहें परंपरा रहेगी : डॉ नरोत्तम मिश्रा
— Shailendra Mishra Shelly 🇮🇳 (@journoshelly) May 4, 2022
मप्र के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आज दतिया में मां पीतांबरा प्रकटोत्सव (दतिया दिवस) अवसर में मीडिया से कहा....#दतिया_दिवस #दतिया #datia #मां_पीताम्बरा pic.twitter.com/NAHoSTxo07