पेट्रोल डीजल और सीएनजी के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते पिछले 8 महीने में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है। आरटीओ में पहले जहां प्रतिदिन तीन वाहन ई व्हीकल श्रेणी में रजिस्टर्ड होते थे जो अब 16 तक पहुंच गए हैं। पिछले 2 साल के दौरान लॉकडाउन और कोरोना बीमारी के बीच ठंडा इलेक्ट्रिक व्हीकल का बाजार अब गर्म हो गया है।

ईंधन के बेहतर विकल्प के रूप में अकेले भोपाल शहर में ऐसे वाहनों की संख्या 4 गुना तक बढ़ गई है। अनुदान स्वरूप एमपी सरकार ई व्हीकल के रजिस्ट्रेशन पर टैक्स में 9 फीसदी तक की रियायत दे रही है। ई व्हीकल खरीदने वाले वाहन चालकों को केवल 1 फीसदी शुल्क देकर वाहन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जा रही है। बाकी राज्यों में भी अनुदान के तौर पर स्टेट जीएसटी माफ किया गया जा रहा है। इन वाहनों से पेट्रोल डीजल की खपत में कमी आ रही है, वायुमंडल में फैलने वाली जहरीली गैसों का प्रतिशत भी कम हुआ है।