एक तरफ़ मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा हैं तो वहीं दूसरी तरफ़ इंदौर के महू में पहले आदिवासी युवती की मौत से शुरू हुए हंगामे के बाद पुलिस की गोली से एक आदिवासी युवक की मौत मामले में अब सियासत तेज़ हो गई है.
प्रदेश की राजधानी से लेकर इंदौर के महू तक कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर हमलावर हैं. बजट सत्र के 9वें दिन की कार्यवाही शुरू होते ही महू में आदिवासी युवती की मौत का मुद्दा विधानसभा तक में सुनाई दिया.
कांग्रेस ने सदन में इस मुद्दे पर बहस छेड़ी तो संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जवाब में बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि युवती की मौत करंट से हुई है. उसके बाद हुए हंगामे में पुलिस ने भीड़ से बचने के लिए फायरिंग की थी, जिसमें युवक की जान चली गई. उन्होंने आगे मृतक के परिवार को मुआवजा देने की बात भी कही.
तो वहीं कांग्रेस के वॉकआउट करने से पहले नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के एक बयान ने नरोत्तम मिश्रा के जवाब पर ही सवाल खड़े कर दियें. उन्होंने कहा कि पुलिस को तो सिर्फ़ कमर के नीचे गोली चलाने के निर्देश होते हैं, फिर क्यों उसके सीने पर गोली मारी गई?
एफआईआर में 3 घंटे का गैप? गोली चलाने के बजाय लाठीचार्ज क्यों नहीं किया? सीधे गोली क्यों चलाई गई? जैसे मुद्दों से सत्र गरमाया रहा. एक-दूसरे पर बयानबाजी और बढ़ते हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंच गए, उसके बाद वॉकआउट कर दिया गया.
कौन जिम्मेदार? सियासत हर बार
बता दें कि महू में बुधवार (15 मार्च 2023) रात एक आदिवासी युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके परिजनों ने डोंगरगांव चौकी के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया. उसके बाद तुरंत मौके पर पुलिस पहुंची तो उनकी प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक झड़प हो गई.
देखते ही देखते झड़प यहां तक पहुंच गई की पुलिस को पहले आंसू गैस के गोले और फिर फायरिंग तक करनी पड़ गई. तभी मामला अचानक ज्यादा बिगड़ गया क्योंकि पुलिस फायरिंग में एक आदिवासी युवक की मौत हो गई. साथ ही एक अन्य युवक के पैर में भी गोली लग गई.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में करीब 12 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. मृतक आदिवासी युवक की पहचान 18 वर्षीय भेरूलाल के रूप में हुई है. मामले की गंभीरता को देख पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्र में धारा 144 लगा दी.
मृतक लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया कि यदुनंदन धामनोद नामक युवक ने युवती का अपहरण कर ग्राम गवली पलासिया ले गया. यहां करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी. साथ ही परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का भी आरोप लगाया. तो वहीं पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर यदुनंदन धामनोद को गिरफ्तार कर लिया है.
आरोपी यदुनंदन की मां ने बताया कि डेढ़ साल से युवती और यदुनंदन का अफेयर चल रहा है. ये बात लड़की के परिजनों को भी पता थी. वो लड़की करीब 6 दिन से हमारे घर में ही रह रही थी. बुधवार को हम लोग मजदूरी पर चले गए, तब वो घर में अकेली थी. इसी दौरान वह बिजली के रॉड से पानी गर्म कर रही थी, तभी करंट लगने से उसकी मौत हो गई.
फ़िलहाल, इस मुद्दे पर बीजेपी राजनीति नहीं करने की नसीहत दे रही हैं तो वहीं कांग्रेस इसे शिवराज सरकार का जंगल राज बता रहीं हैं. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पुलिस द्वारा जारी किये जाने वाले बयान से ही खुलासे की उम्मीद हैं. साथ ही सरकार की तरफ से इंदौर जिले के महू में हुई घटना के परिप्रेक्ष्य में निर्देश दिए हैं कि सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी.
बड़े लड़के को नगर परिषद में शासकीय सेवा में लिया जाएगा. पीड़ित परिवार के 3 बच्चों की शिक्षा हेतु आदिवासी छात्रावास में व्यवस्था की जाएगी. मृतक की अंत्येष्टि के लिए 20 हजार रुपए दिए जाएंगे. पीएमएवाई में पहले से पक्का आवास है, इसलिए रिनोवेट करवाया जाएगा. घटना की मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दे दिए गए हैं.