कूनो पालपुर में आज मादा चीता ज्वाला के दो और शावकों की मौत हो गई है। कूनो पालपुर में 23 मई को सुबह मादा चीता ज्वाला के एक शावक की मौत हो गई थी। शावक की मृत्यु के पश्चात शेष शावक एवं मादा चीता ज्वाला की पालपुर में तैनात वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम एवं मानिटरिंग टीम द्वारा दिनभर लगातार निगरानी की जा रही थी।
दिन के समय बीता ज्याला को सप्लीमेंट फूड दिया गया। दोपहर बाद निगरानी के दौरान शेष शावकों की स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। तीनों शावकों की असामान्य स्थिति एवं गर्मी को देखते हुए प्रबंधन और वन्यप्राणी चिकित्सकों की टीम ने तत्काल तीनों शावकों को रेस्क्यू कर आवश्यक उपचार करने का निर्णय लिया 2 शावकों की स्थिति अत्यधिक खराब होने से उपचार के सभी प्रयासों के बावजूद भी उनको बचाया नहीं जा सका।
एक शावक को गंभीर हालत में गहन उपचार एवं निगरानी में पालपुर स्थित चिकित्सालय में रखा गया है। जहाँ उसका लगातार उपचार किया जा रहा है। उपचार के लिए नामीबिया और साउथ अफ्रीका के सहयोगी चीता विशेषज्ञों और चिकित्सकों से लगातार सलाह ली जा रही है। उक्त शावक वर्तमान में गहन उपचार में है एवं उसके स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर है। मादा चीता ज्वाला वर्तमान में स्वस्थ है जिसकी सतत निगरानी की जा रही है।
सभी चीता शावक कमजोर सामान्य से कम बजन एवं अत्यधिक डिहाइड्रेट पाये गये। मादा बीता जाता हैण्ड रियर्ड चीता है जो पहली बार मां बनी है। चीता शावकों की उम्र लगभग 8 हफ़्ते है। इस अवस्था में चीता शावक सामान्यतः जिज्ञासु होते हैं। वे माँ के साथ लगातार चलते हैं, चीता शावकों ने अभी लगभग 8-10 दिन पूर्व ही के साथ घूमना शुरू किया था। चीता विशेषज्ञों के अनुसार सामान्यतः अफ्रीका में चीता शावकों का जीवित रहने का प्रतिशत बहुत कम होता है। स्टैंडर्ड पोटोकाल अनुसार पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है।