दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ईडी ने आज सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और बाद में उनकी रिमांड मंजूर कर ली। उनकी रिमांड 13 जून तक बढ़ा दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार सत्येंद्र जैन की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें दिल्ली के आरएमएल अस्पताल ले जाया गया। ईडी ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ कोर्ट में दलील देते हुए बताया कि रिमांड के बाद लाला शेर सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के परिसर का निरीक्षण किया गया, पता चला कि सत्येंद्र जैन इसके अध्यक्ष थे।
करीब 2.83 करोड़ नकद बरामद-
ईडी ने कहा कि जैन और उनकी पत्नी दोनों ट्रस्ट के सदस्य हैं। साथ में वैभव और अंकुर जैन भी उनके क़रीबी है। इनके पास से करीब 2.83 करोड़ रुपए नकद और 1.8 किलो सोना बरामद हुआ है। इन सबके साथ ही कई अहम् कागजात भी उनके घर से मिले है।
ईडी की छापेमारी में क्या मिला-
सूत्रों के मुताबिक सत्येंद्र जैन से लगातार पूछताछ के दौरान ईडी को कई अहम जानकारियां मिली हैं। माना जा रहा है कि ईडी सत्येंद्र जैन से आमने-सामने बैठकर कई अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ करना चाहती है। यही वजह है कि एजेंसी ने सत्येंद्र जैन की पांच दिन की रिमांड मांगी है।
पिछले दो दिनों में आरोपियों पर छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज मिले हैं। ईडी ने दावा किया कि सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगियों के खिलाफ छापेमारी के दौरान एजेंसी को 2.82 करोड़ रुपये की नकदी और 1.80 किलोग्राम वजन के 133 सोने के सिक्के मिले।
ईडी ने कहा कि जिन लोगों के ठिकानों पर सोमवार को छापा मारा गया, उन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मंत्री की मनी लॉन्ड्रिंग में मदद की थी। ईडी ने सोमवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में एक ज्वेलर्स समेत सात परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। जहां से ये सारी चीजें मिली है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार, सत्येंद्र जैन-
आपकों बता दे कि 57 वर्षीय सत्येंद्र जैन को कथित हवाला सौदे से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 30 मई को गिरफ्तार किया गया था और वह 9 जून तक ईडी की हिरासत में थे, लेकिन आज सुनवाई के बाद उनकी रिमांड बढ़ा दी गई है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन की पत्नी पूनम जैन, उनके व्यापारिक सहयोगी अंकुश जैन और वैभव जैन, नवीन जैन और सिद्धार्थ जैन (राम प्रकाश ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक), जीएस मथारू (लाल शेर सिंह) भी शामिल है।
जानिए पूरा मामला-
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद अगस्त 2017 में आम आदमी पार्टी (AAP) के मंत्री के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया। सीबीआई ने दिसंबर 2018 में आरोप पत्र दायर किया था जिसमें कहा गया था कि 2015-17 के दौरान कथित आय से अधिक संपत्ति का मूल्य करीब 1.47 करोड़ है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोत से लगभग 217 प्रतिशत अधिक है। आयकर विभाग ने लेन-देन की भी जांच की और करीबियों की कथित 'गुमनाम संपत्ति' को भी जब्त करने का आदेश दिया।