अब कुछ समय बाद दिल्ली एयरपोर्ट आने वालों को चमत्कार देखने को मिल सकता है। क्योंकि इस अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के T2 और T3 आने-जाने वाली रोड के ऊपर प्लेन खड़े दिखेंगे। यहां एलिवेटेड क्रॉस टैक्सीवे बन रहा है। अभी सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं दूर की जा रही हैं ताकि दिल्ली के लोग एयरक्राफ्ट टैक्सी के अनूठे नजारे का मजा ले सकें। खबरों के मुताबिक ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने दिल्ली इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की रिक्वेस्ट पर काम शुरू कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, सितंबर तक दिल्ली वालों को यह तोहफा मिल सकता है। अभी दुनिया में ऐसे कम से कम 13 ऐसे टैक्सीवे हैं। इनमें सिंगापुर का चांगी एयरपोर्ट और जर्मनी का फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट भी शामिल है।

संतरी पोस्ट्स पर फायर टेंडर्स या टॉड टेंडर्स करेंगे मदद

फ्रांस, जापान और हॉन्ग कॉन्ग में ऐसे टैक्सीवे बने हैं। बताया जाता है कि दिल्ली में टैक्सीवे बनाने के लिए दुनिया के कम से कम 10 टैक्सीवे की स्टडी की गई है। गर टैक्सीवे पर कोई प्लेन खराब हो जाए तो इन संतरी पोस्ट्स पर मौजूद फायर टेंडर्स या टॉड टेंडर्स मदद करेंगे। इस निर्माण के लिये अफसरो को कहा गया है कि वह टैक्सीवे के दोनों तरह एलिवेटेड संतरी पोस्ट बनाए ताकि जम्बो जेट साइज के दो एयरक्राफ्ट यहां पर खड़े हो सकें।

मेन रोड पर होगा 148 मीटर का ब्रिज सेक्शन

बताया जाता है कि यह 1.8 किलोमीटर लंबा और 203 मीटर चौड़ा यह टैक्सीवे भारत में अपनी तरह का पहला स्ट्रक्चर है। मेन T3 रोड अपने लेवल पर ही रहेगी। टैक्सीवे इससे 8 मीटर ऊपर एलिवेटेड ब्रिज पर बनेगा। एयरपोर्ट के चौथे रनवे और T1 के एक्सपैंशन के साथ यह टैक्सीवे भी तैयार हो जाएगा। टैक्सीवे में में T3 और महिपालपुर के बीच मेन रोड पर 148 मीटर का एक ब्रिज सेक्शन होगा। T3 के तरफ वाली बाउंड्री के बगल वाली रोड पर 43.8 मीटर का ब्रिज भी बनेगा। पहले से मौजूद रोड पर एक अंडरपास बन रहा है, इसके ऊपर से एलिवेटेड टैक्सीवे गुजरेगा।