दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत नहीं मिली है। दिल्ली की अदालत ने सत्येंद्र जैन की जमानत अर्जी रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सत्येंद्र जैन प्रभावशाली व्यक्ति हैं। जमानत पर छूटे लोग सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। वे PMLA के तहत जमानत की दोहरी शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। निचली अदालत के आदेश में कोई खामी नहीं है।

जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा की बेंच ने सत्येंद्र जैन, अंकुश जैन और वैभव जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी। याचिका खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता एक प्रभावशाली व्यक्ति है और वह जांच की निष्पक्षता और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। इसलिए कोर्ट उन्हें जमानत नहीं दे सकता।

आपको बता दें कि सत्येंद्र जैन ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, राउज एवेन्यू कोर्ट ने 17 नवंबर, 2022 को सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
इसी आदेश के खिलाफ सत्येंद्र जैन ने एक दिसंबर 2022 को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसके बाद उन्हें यहां से भी कोई राहत नहीं मिली। उल्लेखनीय है कि ईडी ने पिछले साल 30 मई को इस मामले में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया था।