दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, हिंसा जहांगीरपुरी में एक आपराधिक साजिश के तहत हुई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने क्या एहतियाती कदम उठाए हैं। पुलिस ने इस रिपोर्ट में पूरी घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कार्यवाही में प्रशासन द्वारा उठाये गए क़दम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। प्रशासन ने घटना में शामिल सभी हथियार जप्त कर लिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मामले में अब तक कुल 24 लोगों की गिरफ़्तारी हुई है, जिनमें 21 वयस्क और तीन नाबालिग शामिल हैं। रिपोर्ट में, पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार शाम को हुई, जिसमें असामाजिक तत्व शामिल हुए थे, उनके मकसद को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। लेकिन अब पुलिस इस घटना की हर एंगल से जांच कर रही है।
मस्जिदों पर भगवा झंडा फहराने का मामला पूरी तरह है निराधार :
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद पर भगवा झंडा फहराने का मामला पूरी तरह से निराधार है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें हथियार रखने की घटनाओं समेत तमाम तरह की फॉरेंसिक बैलिस्टिक जांच की जा रही है। जिसके आधार पर ही लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में आपराधिक साजिश कानून की धारा 120बी भी लगाई गई है। यह धारा इसलिए लगाई गई है ताकि मामले की बड़े पैमाने पर जांच की जा सके और पता लगाया जा सके कि दंगाइयों के पीछे कौन है। शनिवार शाम जहांगीरपुरी इलाके में एक जुलूस के दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद इलाके में हिंसा हुई और पथराव किया गया।
साथ ही हिंसा में गोलियां तक चलाई गईं, जिसमें पुलिस का 1 सहायक उपनिरीक्षक भी घायल हो गया। मामले में अब तक 80 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है, लेकिन पत्थरबाजी, मारपीट या फायरिंग में शामिल लोगों को ही गिरफ्तार किया गया है।