ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर नया केस सामने आया है. नए मुकदमे पर बुधवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में सुनवाई होगी। वाराणसी के मां शृंगार गौरी प्रकरण के बीच यह नया मुकदमा विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन की पत्नी किरन सिंह ने दाखिल किया है। इस मुकदमे की सुनवाई दोपहर दो बजे से होगी। गोंडा जिले की निवासी किरण सिंह विश्व वैदिक सनातन संघ की अंतरराष्ट्रीय महामंत्री भी हैं। मुकदमे के माध्यम से उन्होंने अदालत से मांग की है कि ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम पक्ष का प्रवेश तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित हो। इसके साथ ही ज्ञानवापी का संपूर्ण परिसर हिंदुओं को सौंप दिया जाए जिससे वे यहां पूजापाठ कर सकें।
मुकदमे में हैं तीन प्रमुख मांगें
जितेंद्र सिंह बिसेन ने बताया कि किरण सिंह ने भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान को लेकर मुकदमा दाखिल किया है। मुकदमे के माध्यम से अदालत से उन्होंने ज्ञानवापी परिसर में तत्काल प्रभाव से मुस्लिम पक्ष का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की है। ज्ञानवापी का संपूर्ण परिसर हिंदुओं को सौंपने और पूजा-पाठ शुरू करने की अनुमति देने की भी मांग की गई है। उनका कहना है कि भगवान आदि विश्वेश्वर स्वयंभू ज्योतिर्लिंग जो अब सबके सामने प्रकट हो चुके हैं, उनकी नियमित पूजा पाठ होनी चाहिए.
किरण सिंह के अधिवक्ता मानबहादुर सिंह और अनुष्का त्रिपाठी ने बताया कि इस मुकदमे में UP सरकार, DM, पुलिस कमिश्नर के साथ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को पक्षकार बनाया गया है। ज्ञानवापी मस्जिद में वजूखाने में शिवलिंग पाए जाने के दावे के बाद वहां दर्शन-पूजन, राग-भोग और पूजा का अधिकार मांगा गया है।
जितेंद्र सिंह बिसेन का स्पष्ट कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिली पत्थर की संरचना शिवलिंग है। इसकी पूजा करने का उन्हें तत्काल अधिकार दिया जाए। जितेंद्र सिंह ने बताया कि अदालत ने हमारा मुकदमा स्वीकार कर लिया है। मुकदमे पर विपक्षियों को नोटिस जारी करने का आदेश भी दिया है। हमारी सबसे प्रमुख मांग थी कि भगवान आदि विश्वेश्वर की पूजापाठ का आदेश दिया जाए. इस पर सुनवाई के लिए 25 मई की तिथि निर्धारित की गई है।
इधर मां शृंगार गौरी प्रकरण से संबंधित मामले की सुनवाई अब जिला जज की अदालत में हो रही है। इस मुकदमे की सुनवाई पहले सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट में हो रही थी।