पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान पर हमले के बाद सेना के खिलाफ जबर्दस्त आक्रोश देखा जा रहा है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि अपने खिलाफ आवाम की इस आवाज को कुचलने के लिए पाकिस्तानी सेना मार्शल लॉ लगा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो सेना सरकार को भंग कर पाकिस्तान की कमान अपने हाथ में ले सकती है। 

इमरान खान की पार्टी और उनके समर्थक इस हमले के लिए पाकिस्तानी सेना को जिम्मेदार मान रहे हैं। इसके बाद लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी समेत अन्य शहरों में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ आक्रोश दिख दे रहा है। पाकिस्तानी सेना के सामने इस विरोध को कुचलन बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। 

इस हमले ने इमरान खान को पकिस्तान में हीरो की तरह देखा जा रहा है। वहीं सेना को अब अवाम खलनायक मान रही है। सेना हमेशा ही पाकिस्तान में सुप्रीम रही है और सत्ता पर उसका नियंत्रण रहा है। ऐसे में इस बगावत को बर्दाश्त करना और रोकना मुश्किल हो रहा है। विरोध के सुरों को कुचलने के लिए सेना अब मार्शल लॉ का इस्तेमाल कर सकती है। 

पाकिस्तान के वजूद में आने से अब तक 33 साल तक वहां सेना का शासन रह चुका है। पाकिस्तान की सेना ने ही हमेशा इस बात का फैसला किया है कि सरकार को कैसे चलाना है, लेकिन अगर मार्शल लॉ लगा तो आर्मी सीधे सबकुछ अपने हाथ में ले लेगी।