भोपाल। राज्य के विधि विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को परिपत्र जारी कर बताया है कि सरकारी वकीलों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान डिस्ट्रिक्ट जज एवं महाधिवक्ता देते हैं। यह जानकारी इसलिये बताई गई है ताकि विभाग के अधिकारी विभागीय केसों के लिये सीधे इन सरकारी वकीलों को कोई राशि प्रदान न करें।
विधि विभाग ने अपने परिपत्र में कहा है कि जिलों में नियुक्त शासकीय अधिवक्ता/अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता एवं पैनल अधिवक्ता को देय मानदेय का भुगतान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के द्वारा किया जाता है। जबकि उच्च न्यायालय में पदस्थ विधि अधिकारियों को देय मानदेय का भुगतान महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा किया जा रहा है। विधि विभाग ने परिपत्र में वह राशि भी बताई है कि जो इन सरकारी वकीलों को जिला न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में पैरवी करने के लिये दी जाती है।