भोपाल. छतरपुर वन मंडल में डीएफओ अनुराग कुमार और वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है. डीएफओ अनुराग कुमार एक तरफा का भार ग्रहण करने के साथ ही वन अधिकारी एवं कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए. सीसीएफ छतरपुर छतरपुर पीपी टीटारे और एसडीओ बक्सवाहा केबी गुप्ता अघोषित रूप से आंदोलनकारियों का साथ दे रहे है. सीसीएफ टीटारे ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन दो को पत्र लिखकर यह अवगत कराया है कि डीएफओ के खिलाफ अभी भी असंतोष बरकरार है.


 एक वन कर्मचारी की हृदयाघात से हुई मौत के बाद डीएफओ अनुराग कुमार के खिलाफ असंतोष आंदोलन में परिवर्तित हो गया. छतरपुर वन मंडल के सभी अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक  अवकाश पर चले गए. छतरपुर में फॉरेस्ट मैनेजमेंट के बदहाल हालत को देखते हुए वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन-दो महेंद्र सिंह धाकड़ को विवाद सुलझाने के लिए छतरपुर भेजा. धाकड़ के छतरपुर पहुंचने के पहले ही पिता के स्वर्गवास होने पर डीएफओ अनुराग कुमार अवकाश पर चले गए थे. उनकी अनुपस्थिति में धाकड़ ने 6 फरवरी को आंदोलनरत सभी वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक की. बैठक में एपीसीसीएफ धाकड़ ने अनुराग कुमार को हटाने के आश्वासन के साथ ही पन्ना के डीएफओ पुनीत सोनकर को छतरपुर वन मंडल का प्रभार दे दिया. सोनकर के प्रभार लेते ही सामूहिक अवकाश पर गए सभी अधिकारी कर्मचारी काम पर लौट आए.
 *मौखिक आदेश पर अनुराग को नहीं करने दी जॉइनिंग*
 छतरपुर सीसीएफ टिटारे ने अवकाश से लौटने पर छतरपुर डीएफओ अनुराग कुमार को जॉइनिंग नहीं करने दी. सीसीएफ ने डीएफओ को बताया कि ऐसा करने के लिए एपीसीसीएफ (प्रशासन-दो) धाकड़ के के मौखिक आदेश है. टिटारे ने डीएफओ को यह भी अवगत कराया कि क्षेत्रीय अमला अभी भी आपके खिलाफ है. जॉइनिंग करने से वह फिर आंदोलन की राह पर चला जाएगा. छतरपुर सीसीएफ टिटारे ने 16 मार्च को एपीसीसीएफ को पत्र लिखकर यह सूचना दी कि कुमार के ज्वाइन करने के बाद फिर क्षेत्रीय अमला सामूहिक अवकाश पर जा सकता है. 21 मार्च को डीएफओ अनुराग कुमार ने एकतरफा जॉइनिंग दी और उसी दिन छतरपुर वन मंडल का क्षेत्रीय अमला सामूहिक अवकाश पर चला गया.
 *इनका कहना*
 मैंने सीसीएफ से डिटेल रिपोर्ट मंगवाई है. सीसीएफ के रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी. छतरपुर सीसीएफसी रिपोर्ट मांगी है कि अनुराग कुमार ने किन-किन कर्मचारियों के साथ इस तरह से प्रताड़ित किया है. वैसे तो सीसीएफ वन कर्मचारियों की समस्या के निराकरण के लिए सक्षम है. वह क्यों नहीं कर पा रहा है यह, चिंतनीय प्रश्न है.
 *आरके गुप्ता, वन बल प्रमुख*