भोपाल: बुरहानपुर वनमंडल में बेकाबू अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कारगर कार्रवाई नहीं करने पर डीएफओ के तबादला आदेश बेमानी सा नजर आने लगा है. यह सवाल भी खंडवा सीसीएफ के प्रशंसा पत्र के बाद उठ रहा है. राज्य शासन ने 20 फरवरी को ही बुरहानपुर वन मंडल में 20 दिन पहले आए डीएफओ गिरजेश बरकड़े हटा दिया.

इस फैसले के एक दिन बाद यानि 21 फरवरी को सीसीएफ खंडवा आरपी राय ने डीएफओ को अतिक्रमणकारियों को भगाने में सफलता का सर्टिफिकेट दे डाला. यह प्रमाण पत्र भी तब दिया जब शासन ने उनका बुरहानपुर से तबादला कर दिया. इस प्रमाणपत्र का आशय यही है कि सीसीएफ राय वातानुकूलित कमरे में बैठकर अपने टेरिटरी क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण पर कितनी पैनी नजर रखे हुए हैं.
अपनी इन्हीं पारखी नजरों से डीएफओ वरकडे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर प्रमाण पत्र दे दिया. महकमे के आला अफसर इस प्रमाण पत्र पर व्यंग्य कर रहे हैं कि उनके इस प्रमाण पत्र से क्या वरकड़े का तबादला रुक जाएगा?
सवाल यह भी किया जा रहा है कि जब डीएफओ वरकडे 400-500 अतिक्रमणकारियों को अपने जवानों के साथ खड़े रहे थे तब सीसीएफ राय कहां मशगूल थे? सवाल यह भी उठता है कि जब डीएफओ इतने बेहतर काम कर रहे थे शासन ने उन्हें हटाया जाए? राय के प्रशंसा पत्र से शासन के तबादला आदेश को बेमानी माना जा रहा है.