भोपाल: डीजियाना इंडस्ट्रीज कंपनी इंदौर ने अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने पर लगे जुर्माना राशि से बचने के लिए थानी ग्रामीणों पर अवैध उत्खनन करने का आरोप लगाया. कंपनी के आरोपों को भोपाल संभाग आयुक्त मैं खारिज कर दिया. संभाग आयुक्त ने कंपनी पर लगाए गए 6 करोड़ 96लाख रुपए का जुर्माने को उचित ठहराया. संभागायुक्त ने कहा कि डिजाइनर कंपनी को जुर्माने की राशि भरना ही होगी. यह बात अलग है कि कंपनी इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकती है.
उल्लेखनीय है कि डीजियाना कंपनी को राज्य खनिज निगम ने सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा क्षेत्र में आने वाली नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम आबाजदीह में रेत खनन का ठेका दिया था। 3 अप्रैल 2019 को सीहोर जिले के खनिज अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की थी। जांच मे पाया गया कि पूर्व से संचालित रेत खदान मे सीमा दर्शाने वाले एक भी सीमा चिन्ह नहीं है। खदान से संबंधित बोर्ड भी खदान से दूर सही स्थान पर स्थापित होना नहीं पाया गया। मौके पर स्वीकृत खदान में पर्याप्त मात्रा में खनन योग्य रेत भी उपलब्ध होना नहीं पाया गया। रेत खदान की दक्षिणी सीमा में स्वीकृत क्षेत्र से बाहर लगातार कई स्थानों पर रेत उत्खनन के गड्ढे पाये गये जिनकी माप की जाकर 5800 घ.मी. रेत का उत्खनन स्वीकृत क्षेत्र के बाहर किया जाना पाया गया।
इस पर कंपनी के विरूद्ध अवैध उत्खनन प्रकरण दर्ज किया जाकर प्रचलित मप्र रेत नियम 2018 के नियम 23(1) के तहत अवैध उत्खनित रेत मात्रा 5800 घ.मी. की रायल्टी राशि का 60 गुना अर्थदण्ड राशि 3 करोड़ 48 लाख रुपये एवं समतुल्य पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि 3 करोड़ 48 लाख रुपये, कुल 6 करोड़ 96 लाख रुपये अधिरोपित की गई। इस मामले में भोपाल संभाग आयुक्त ने सुनवाई की और जुर्माना सही पाया। इस पर कंपनी ने राज्य शासन के समक्ष अपील की परन्तु यहां भी अब अपील खारिज कर दी गई है तथा जुर्माना सही पाया गया है। इससे कंपनी को अब उस पर अधिरोपित जुर्माने की राशि भरना होगी। हालांकि कंपनी के पास हाईकोर्ट में अपील करने का रास्ता खुला हुआ है।
कंपनी का यह तर्क नहीं माना गया :
राज्य शासन के समक्ष की गई अपील पर सुनवाई के दौरान कंपनी ने तर्क दिया था कि कंपनी द्वारा स्वीकत क्षेत्र मे ही खनन कार्य किया गया है। स्वीकृत क्षेत्र से बाहर ग्राम आबाजदीह एवं बडग़ांव के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उत्खनन किया गया है जिसकी शिकायत कंपनी द्वारा की गई है। सीमा चिन्ह दर्शाने वाले सीमाचिंह भी खदान मे लगाये गये थे परन्तु घाट से आने जाने वाले लोगों द्वारा तोड़ दिये गये। सीमाचिंह के बाहर ग्रामवासियों द्वारा अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जाता है, जिसकी समय-समय पर शिकायत खनिज विभाग को की गई है। अवैध उत्खनन की शिकायत करने के कारण हमारी कंपनी के कर्मचारियों पर रेत माफिया द्धारा हमला किया गया जिसकी कंपनी ने एफआईआर भी दर्ज कराई है। परन्तु यह तर्क स्वीकार नहीं किया गया।