विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इस बीच, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनौती दी है और कहा है 'चलो दो-दो हाथ हो जाएं'।

मप्र में बीजेपी पिछले 18 साल से मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को निशाने पर ले रही थी और कांग्रेस पर हमला कर सत्ता की राह प्रशस्त की थी, लेकिन इस बार बीजेपी का हमला तेज होने से पहले ही दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज को आमने-सामने आने की चुनौती दे दी। बहस होने दीजिए... दो हाथ होने दीजिए।''

दिग्विजय सिंह ने एक और ट्वीट में लिखा, ''बीजेपी राज में मप्र में बाहरी लोगों को पैसा देकर नौकरी दी गई। मेरे 10 साल के कार्यकाल में बीजेपी ने मुझ पर अपमानजनक आरोप लगाए हैं, लेकिन बीजेपी अपने 20 साल के घोटालों का हिसाब क्यों नहीं देती?

दिग्विजय की चुनौती..दो-दो हाथ हो जाएं: एक ओर जहां इन दिनों कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में लगी है। वहीं चुनाव में पार्टी के दावेदारों को चुनौती नहीं देने की शपथ लेने वाले दिग्विजय सिंह इन दिनों बीजेपी पर उसी रफ्तार से हमला बोल रहे हैं। 

2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की स्टार प्रचारक उमा भारती ने दिग्विजय सिंह के 10 साल के कार्यकाल को निशाने पर लिया, जिसके बाद शिवराज की तीन पारियों में पार्टी उसी रास्ते पर चलती दिखी और हर बार बीजेपी ने दिग्विजय युग का डर दिखाकर रास्ता आसान कर लिया।

लेकिन अब दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए, सीधे सीएम शिवराज को चुनौती दी है। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि, 'आइए एक दिन आमने-सामने चर्चा करें...दो-दो हाथ हो जाए।'

उन्होंने आगे लिखा है, मेरे कार्यकाल में मध्य प्रदेश के ग्राम पंचायत जनपद पंचायत ज़िला पंचायत नगर पंचायत नगर पालिका नगर निगम द्वारा लाखों स्थानीय लोगों को शासकीय सेवाओं में लिया गया। जन स्वास्थ रक्षक गौ रक्षकों को रोज़गार मिला।

ट्विटर पर बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा है कि बीजेपी अक्सर उनके 10 साल के कार्यकाल को लेकर अपमानजनक आरोप लगाती है, लेकिन उनके 20 साल का हिसाब क्यों नहीं देती।

कांग्रेस के लिए जमीन तैयार कर रहे दिग्विजय चुनाव से पहले इन दिनों मध्य प्रदेश के विंध्य, मालवा, निमाड़, बुंदलखंड की 65 सीटों के दौरे पर 2018 के विधानसभा चुनाव की तरह कांग्रेस को जमीनी तौर पर ऊपर उठाने में जुटे हुए हैं। वे हर अंचल में कार्यकर्ताओं की बात सुनकर वाजिव कदम उठा रहे हैं और चुनाव से पहले पार्टी के लिए एकजुट होने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।