दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को अजीब स्थिति में फंसा दिया है| दिग्विजय सिंह ने दंगों में हुए पथराव के पीछे बीजेपी की साजिश बताकर सियासी पारा गरमा दिया है| दिग्विजय की ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब कुछ दिन पहले रामनवमी और हनुमान जयंती के मौके पर राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे| उल्लेखनीय है कि रामनवमी के दिन मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में दो संप्रदायों के बीच हिंसा हुई थी|
2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों को आरएसएस द्वारा प्रायोजित और अल-कायदा नेता बिन लादेन को ओसामा जी कहने वाले दिग्विजय सिंह ने अब भाजपा पर मुस्लिम युवाओं को पत्थर फेंकने और उन्हें दंगों के लिए पैसे देने का आरोप लगाया है। हालांकि यह कहकर दिग्विजय सिंह ने यह तो मान ही लिया है कि पत्थर मुस्लिम युवाओं ने फेंके थे|
दिग्विजय ने कहा कि वह बिना सबूत के किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं। वहीं बीजेपी ने इस बयान को लेकर दिग्विजय को घेर लिया है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि कांग्रेस पूरी तरह से मुस्लिम हितैषी पार्टी बन गई है और हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
मध्य प्रदेश के खरगोन में हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा बड़वानी जिले के सेंधवा में रामनवमी के जुलूस पर पथराव किया गया। इन घटनाओं के बाद दिग्विजय और मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। दिग्विजय पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा था मेरा प्रशासन जब गरीब लोगों और पिछड़ों के घर जलाने वाले दंगाइयों पर कार्रवाई करता है, तो कांग्रेस के नेताओं को मिर्ची लगती है|
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक फेक फोटो शेयर की थी। जिसमें एक युवक को भगवा झंडा लिए मस्जिद के ऊपर खड़ा दिखाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने घटना के संबंध में दिग्विजय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसके बाद दिग्विजय ने तस्वीर को डिलीट कर दिया।
बीजेपी ने उनसे पूछा चर्चाजान/ चचा जान दिग्विजय सिंह जी कह रहे हैं कि ग़रीब मुसलमान पत्थर फेंकते हैं ।तो चचा ये बता दीजिये कि मुसलमानों ग़रीब क्यों है जबकि 60 -65 साल तक तो आपकी @INCMP की सरकारें देश प्रदेश में थी।आप @digvijaya_28 जी यह भी कहा रहे है कि मुसलमान पत्थर फेंकते हैं।
चर्चाजान/ चचा जान दिग्विजय सिंह जी कह रहे हैं कि ग़रीब मुसलमान पत्थर फेंकते हैं ।तो चचा ये बता दीजिये कि मुसलमानों ग़रीब क्यों है जबकि 60 -65 साल तक तो आपकी @INCMP की सरकारें देश प्रदेश में थी।आप @digvijaya_28 जी यह भी कहा रहे है कि मुसलमान पत्थर फेंकते हैं।
— Pankaj Chaturvedi (@impankaj71) April 27, 2022
दिग्विजय सिंह जब अपने बयान पर फंस गए तो उन्होंने सफाई दी और कहा कि मैंने जिस जानकारी का उल्लेख कल किया था उसका सोर्स नहीं बताना चाहता था लेकिन चूँकि जावद क्षेत्र के समाजसेवी पंकज तिवारी जी ने पहले से इसका उल्लेख किया है। इसकी भी निष्पक्ष जॉंच होना चाहिए। यह मेरे कल के बयान के संदर्भ में है। दिग्विजय सिंह कह रहे हैं कि बीजेपी सांप्रदायिक राजनीति में दक्ष है और सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
देश में दंगे फ़साद ना हो अमन चैन शांति रहे यही हमारा सतत प्रयास होना चाहिए।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) April 27, 2022
हम सब एक हैं। यह देश सबका है और भारतीय संविधान ने सबको समान अधिकार दिए हैं उनका पालन होना चाहिए। #हम_सब_एक_हैं#WeAreIndiansFirst
Facebook https://t.co/9JI34pWWZG
खरगोन हिंसा पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, "पंडित द्वारका मिश्रा मुझसे कहते थे कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं चाहे तब तक दंगे नहीं हो सकते। बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद मैं मुख्यमंत्री बना। 2003 के बाद दंगे क्यों नहीं हुए? देश के विभिन्न राज्यों में रामनवमी के अवसर पर भड़के सांप्रदायिक दंगे पूरी तरह प्रायोजित हैं और इसके पीछे एक पैटर्न काम कर रहा है। धार्मिक कट्टरता को सत्तारूढ़ भाजपा का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए सिंह ने यह भी दावा किया कि कुछ मुस्लिम संगठन भाजपा के साथ राजनीतिक खेल खेल रहे हैं।
सांप्रदायिक हिंसा के पीछे विशेष पैटर्न-
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने रामनवमी पर विभिन्न राज्यों में हुई सांप्रदायिक घटनाओं के पीछे कोई पैटर्न देखा, उन्होंने तुरंत कहा कि निश्चित रूप से एक पैटर्न है और ये कार्यक्रम पूरी तरह से प्रायोजित हैं। कुछ मुस्लिम संगठन हैं जो पूरी तरह से भाजपा के साथ खेलते हैं। सिंह ने हालांकि कथित मुस्लिम संगठनों के नामों का खुलासा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक कट्टरता भाजपा के लिए सबसे बड़ा हथियार है जिसका इस्तेमाल राजनीतिक रूप से हिंदुओं और मुसलमानों को विभाजित करने के लिए किया जा रहा है।