भोपाल: मध्यप्रदेश में शराबबंदी को लेकर सरकार के मंत्रियों एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बीच जुबानी जंग जारी है इसी बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में शराब की दुकानें कम करने का भी ऐलान कर दिया है बावजूद इसके कि शराब बिक्री से ही राजस्व वृद्धि होती है। मध्यप्रदेश में शराब निर्माताओं की संख्या बढ़े इस दिशा में सरकार का एक अलग एजेंडा जारी है। खबर यह है कि शराब निर्माताओं के लिए बहुत से सरल उपाय सरकार करने जा रही है और उस दिशा में 1 अप्रैल से जारी नियमों में और संशोधन भी किए जा रहे हैं।
राज्य के आबकारी विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2022 से प्रारंभ हुए वित्त वर्ष में देशी शराब बनाने वाली आसवनियों के लिये नई शर्त जोड़ दी है।
ये आसवनियां देशी शराब की मसाला एवं प्लेन ब्राण्ड को कांच की बोतलों, पेट एवं टेट्रापेक में तो बना सकेंगे और इसमें नीबूं, संतरा, सौंफ के जायके डाल सकेंगे परन्तु महुआ के गंध एवं जायके के प्रयोग की उन्हें अनुमति नहीं होगी। ऐसा इसलिये किया गया है कि अगले वित्त वर्ष से राज्य सरकार ने महुआ से बनी शराब का भी विक्रय करने की अनुमति प्रदान कर दी है।