देश भर में आज (12 नवंबर) दीपावली का पर्व धूंधाम से मनाया जा रहा है। मान्यता है की इस पर्व पर मां लक्ष्मी का साधक के घर आगमन होता है। सूर्यास्त के बाद मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है और फिर घर के अंदर और बाहर सभी जगहों पर दीपक जलाया जाता है।
दिवाली की रात मां लक्ष्मी के साथ बुद्धि के दाता और विघ्नहर्ता श्रीगणेश की पूजा-आराधना करके सुख-समृद्धि और वैभव की मनोकामनाएं मांगी जाती हैं। मां लक्ष्मी की पूजा और दीपक जलाने पर देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है और घर में सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है। महालक्ष्मी के आगमन पर्व दीपावली पर इन 13 जगहों पर जलाने को शुभ माना जाता है
1- घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ
2- घर के पास स्थित चौराहे पर
3- तुलसी के पौधे के पास
4- घर के आंगन में
5- घर के छत पर
6- घर के मंदिर में
7- घर की रसोई में
8- पीपल के पेड़ के नीचे
9- तिजोरी में
10- नदी या तालाब के किनारे
11- कूएं या नलकूप के पास
12- घर के चारों कोनों में चारमुख वाले दीपकल
13- स्टोर रूम और बाथरूम
दिवाली लक्ष्मी पूजन के 11 नियम
1- दीपावली पूजन उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में करना शुभ
2- साधक का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर
3- दीपावली पूजन में मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां
4- बैठी हुई देवी लक्ष्मी मूर्ति या चित्र और दोनों हाथों से धन बरसा रही हों
5- लक्ष्मी जी लाल वस्त्र पहन कर और कमल के आसन पर विराजमान हों
6- लक्ष्मी जी की पूजा के दीपक उत्तर दिशा में
7- पूजा में घी या तेल के दीपक जलाएं
8- लक्ष्मी पूजन में श्रीयंत्र, कौड़ी और गोमती चक्र जरूर
9- लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल, स्थिर लग्न और निशिथकाल में करना फलदायी
10- पूजन कक्ष में सिन्दूर या रोली से दोनों तरफ स्वास्तिक बनाएं
11- लक्ष्मी जी के मंत्र का जाप- ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ।