Diwali 2023: भगवान श्री हरि सृष्टि के पालनकर्ता हैं और माता लक्ष्मी सभी सुख प्रदान करती हैं। दिवाली में धन, सुख, ऐश्वर्य और समृद्धि की देवी लक्ष्मी माता की पूजा की जाती है। हमने कई तस्वीरों में देखा है कि मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के चरणों में बैठी होती हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि धन की देवी होते हुए भी लक्ष्मी माता विष्णु जी के पैर क्यों दबाती हैं?

लक्ष्मी माता विष्णु जी के पैर क्यों दबाती हैं?

कथा के अनुसार, नारद जी ने लक्ष्मी माता से पूछा कि आप श्री हरि के चरण क्यों दबा रही हैं? उस समय माता लक्ष्मी ने कहा कि ग्रह सभी लोगों पर समान प्रभाव डालता है, चाहे वह मनुष्य हो या फिर देवता। महिलाओं के हाथों में देवगुरु का वास होता है, पुरुषों के पैरों में दैत्यगुरु शुक्राचार्य का वास होता है।

इसी कारण से जब कोई स्त्री किसी पुरुष के पैर छूती है तो देवता और दानव का मिलन हो जाता है। जिससे आर्थिक लाभ होता है। इस कारण लक्ष्मी माता श्री हरि के चरण दबाती हैं।

जानिए एक और कहानी-

एक अन्य कथा के अनुसार, अलक्ष्मी अपनी बड़ी बहन मां लक्ष्मी की सुंदरता से बहुत ईर्ष्या करती थी। अलक्ष्मी उतनी आकर्षक नहीं थीं। जब देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ होती थी तो अलक्ष्मी वहां पहुंच जाती थीं। यह बात लक्ष्मी जी को पसंद नहीं आयी।

अलक्ष्मी ने कहा कि कोई उनकी पूजा नहीं करता। इस कारण जहां भी लक्ष्मी जी जाएंगी अलक्ष्मी भी उनके साथ रहेंगी। तो माता लक्ष्मी ने क्रोधित होकर अपनी बहन अलक्ष्मी को श्राप दिया कि वह वहीं रहेगी जहां ईर्ष्या, लालच, आलस्य, क्रोध और अपवित्रता होगी। इसी कारण से माता लक्ष्मी सदैव पति भगवान श्रीहरि के चरणों की मैल हटाती रहती हैं ताकि लक्ष्मी उनके पास न आ सकें।