भोपाल, 

आज सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी करीब एक रुपये प्रति लीटर की मूल्यवृद्धि कर दी। यह इजाफा बीते बारह दिनों से शुरू हुआ है और भोपाल में ही पेट्रोल के दाम 115 रुपये पार कर गये हैं। उधर मौसम भी अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने पर अड़ा है। गर्मी के तेवर ऐसे हैं कि वह अप्रैल में 43 डिग्री तक जा सकते हैं। कल मप्र में खंडवा व खरगोन में अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया।

राजधानी में बीते 12 दिनों में यह दसवीं बार है, जब तेल कंपनियों ने पेट्रोल व डीजल के दाम में इजाफा किया है। शनिवार को भोपाल में पेट्रोल के दाम में 97 पैसे और डीजल के भाव में 85 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। इसके साथ ही सादा भोपाल में सादा पेट्रोल के दाम 115.11 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए, वहीं डीजल का 98.30 रुपए हो गया। सुबह छह बजे से यह बढ़े हुए दाम प्रभावी हो गए। गुरुवार को भोपाल में पेट्रोल व डीजल के भाव क्रमशः 114.21 व 97.45 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुके थे। शुक्रवार को इसके दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन शनिवार को एक बार फिर 80 पैसे से ज्यादा इजाफा कर दिया गया। तेल कंपनियों द्वारा की जा रही लगातार मूल्यवृद्धि के चलते बीते बारह दिन में पेट्रोल 7.77 रुपये और डीजल 7.34 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है।

इस बार मार्च में टूटा गर्मी का 121 वर्षों का रिकॉर्ड!

भारत मौसम विज्ञान विभाग के एक विश्लेषण से पता चला है कि भारत ने 121 वर्षों में इस साल औसतन मार्च महीने में अपने सबसे गर्म दिनों को दर्ज किया है, जिसमें देश भर में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.86 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। यह रिकॉर्ड तोड़ आकड़ा उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अधिकतम तापमान में बड़े अंतर से प्रेरित था। जबकि भारत के उत्तर पश्चिमी क्षेत्र ने अपना उच्चतम औसत अधिकतम तापमान दर्ज किया, मध्य भारत ने 1901 के बाद से दिन के तापमान के मामले में अपना दूसरा सबसे गर्म मार्च महीना दर्ज किया. ये आंकड़े तापमान विचलन के पैमाने को दर्शाते है, जिसने देश के अधिकांश हिस्सों में मार्च के महीने में ही प्रभावी ढंग से गर्मी का आगाज करा दिया. मार्च के दूसरे पखवाड़े के दौरान उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में लू दर्ज की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि हवा के पैटर्न में असामान्य बदलाव को जलवायु संकट से जोड़ा जा सकता है। इस गर्मी का एक कारण इन क्षेत्रों में वर्षा की कमी को भी माना जा सकता है।