लोक शिक्षण संचालनालय का एक आदेश इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। प्रदेश की शैक्षणिक संस्थाओं में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के आयोजन के लिए जारी किए गए इस आदेश में डीपीआई ने भारत का प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को बता दिया। हालांकि 17 अगस्त 2022 को जारी किए गए इस आदेश में की गई गलती पकड़ में आने के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने गुरुवार को संशोधित आदेश जारी करते हुए इसमें सुधार किया है।

प्रदेशभर के अधिकारियों को जारी किए गए इस आदेश में बकायदा लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त अभय वर्मा द्वारा हस्ताक्षर भी किए गए हैं। इसके साथ ही यह आदेश स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल भी जारी किया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या आयुक्त इस आदेश पर हस्ताक्षर करने से पहले इसे पढ़ना ही भूल गए...? या फिर बिना पढ़े ही आदेश जारी हो रहे हैं..? और अगर यह आदेश आयुक्त द्वारा भूलवश जारी कर भी दिया गया था, तो क्या एजुकेशन पोर्टल संभालने वाले जिम्मेदारों ने

आदेश को पोर्टल पर भी 1331 बारदेखागया-

दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त अभय वर्मा द्वारा प्रदेश के शिक्षण संस्थाओ में शिक्षक दिवस के आयोजन को लेकर 17 अगस्त 2022 को आदेश जारी किए गए थे। प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित सभी प्राचार्यों को जारी किए गए इस आदेश में आयुक्त वर्मा ने कहा कि इस वर्ष भी 5 सितंबर 2022 को भोपाल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के शिक्षकों के सम्मान में प्रदेश के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी विद्यालयों, आश्रम शाला एवं प्रशिक्षण संस्थाओं में इस दिन शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में भारत के प्रथम राष्ट्रपति , डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला जाए तथा इस अवसर पर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम संस्था स्तर पर आयोजित कर शिक्षकों को सम्मानित किया जाए। इस आदेश को विभाग के एजुकेशन पोर्टल पर 1331 बार देखा गया है।

भी इसे पढ़ना जरूरी नहीं समझा और बिना पढ़े इसे पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया गया। अब लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक धीरेंद्र चतुर्वेदी ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी करते हुए कहा है कि पूर्व में जारी पत्र में अंकित प्रथम राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन कके स्थान पर प्रथम उप राष्ट्रपति पढ़ा जाए।