द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार कल मध्यप्रदेश आएंगी। वे मंगलवार को दोपहर 2 बजे शहडोल पहुंचेंगे। यहां पर वे आदिवासी गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। द्रौपदी मुर्मू तीन महीने पहले राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनने के बाद समर्थन मांगने भोपाल आई थीं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनसे फोन बात करके शहडोल के कार्यक्रम में आने का अनुरोध किया था और राष्ट्रपति की सहमति मिलते ही चंद मिनटों में मुख्यमंत्री ने शहडोल कार्यक्रम तय कर दिया था। मुख्यमंत्री रविवार को सभी कार्यक्रम रद्द कर शहडोल पहुंचे और अधिकारियों को आदिवासी गौरव दिवस कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में निर्देश दिए।

राष्ट्रपति का अपने दौरे के समय करीब 22 घंटे 45 मिनट तक MP में रुकने का कार्यक्रम है। दिल्ली से वे दोपहर 2 बजे शहडोल में आयोजित आदिवासी गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगी। शाम 5 बजकर 25 मिनट पर शहडोल से चलकर राजभवन भोपाल पहुंचेगी। शाम 06.30 से 07.15 तक राजभवन में राष्ट्रपति का पारंपरिक स्वागत किया जाएगा।

राजभवन में रातापानी, ओबेदुल्लागंज-इटारसी राजमार्ग को चार लेन का बनाने का शिलान्यास वर्चुअलरूप से किया जाएगा। इसके बाद डीआरडीई ग्वालियर प्रयोगशाला (बीएसएल-4) का शिलान्यास भी वर्चुअली करने के बाद वे 16 नवंबर को दोप 11.30 से 12.30 तक महिला स्वसहायता समूहो के सम्मेलन में भाग लेने के लिए भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम जाएंगी। इसके बाद दोपहर  12.45 स्टेट हैंगर भोपाल से राष्ट्रपति मुर्मू वापस दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

शहडोल में होने वाले कार्यक्रम में प्रदेश के 11 जिलों के एक लाख से अधिक आदिवासी परिवारों को आमंत्रित किया गया है। इस कार्यक्रम के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। विदित हो कि बिरसा मुंडा जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और शहडोल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारी कर ली गयी है। लालपुर हवाई पट्टी के मैदान में कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं और कार्यक्रम 15 नवंबर को दोपहर 2 बजे से होगा।

शहडोल कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ MP राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते मौजूद रहेंगे। इसके अलावा MP सरकार की ओर से जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह मांडवे, वन मंत्री विजय शाह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहू लाल सिंह, पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल और शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह मौजूद रहेंगे।