चुनावी वर्ष में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये सरकार ने अब मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सीखो कमाओ योजना के खाका तैयार किया है। आज इस पर कैबिनेट की बैठक में मुहर लग गई। इस योजना के अंतर्गत कम से कम एक लाख युवाओं को प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी युवा जो 18 से 29 वर्ष के हैं तथा जिनकी शैक्षणिक योग्यता 12वीं अथवा आईटीआई या उच्च है, वे योजना के अंतर्गत पात्र होंगे। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को 8000 से 10000/- रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड प्राप्त होगा। स्टाइपेंड का 75% राज्य शासन द्वारा दिया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र दिया जाएगा। 

बैठक के निर्णय की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आगामी 7 जून से योजना के लिए संस्थाओं का पंजीकरण किया जाएगा। फिर 15 जून से युवाओं का पंजीकरण होगा। इस तरह आगामी 31 जुलाई को युवाओं का अनुबंध हो जायेगा तथा 1 अगस्त से राशि मिलना शुरू हो जायेगी।  

मिश्रा ने कहा कि अभी पोर्टल निर्माण की प्रक्रिया की जा रही है। इस योजना के लिए किसी प्रकार की शुरु कोई सीमा नहीं है, जो भी युवा इसके पात्र होंगे उन्हें इसका लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो युवाओं को झुनझुना दिया और ढोर चराने की ट्रेनिंग दी थी। जबकि बेरोजगारी भत्ता समस्या स्थाई निदान नहीं है। आईटीआई स्नातक ग्रेजुएट यह सभी युवाओं के लिए बेहतर अवसर है। उन्होंने कांग्रेस की नारी सम्मान योजना के रथ को लेकर कहा कि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती ।