चीनी मोबाइल कंपनी Xiaomi India के खिलाफ ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जानकारी देते हुए बताया कि, उसने फेमा (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) नियमों का उल्लंघन करने के लिए शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से 5,551.27 करोड़ रुपये जब्त किए हैं।

यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के प्रावधानों के तहत की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह धनराशि कंपनी के बैंक खातों में पड़ी हुई थी, ED ने इस साल फरवरी के महीने में कंपनी द्वारा किए गए अवैध रेमिटेंसेज के संबंध में जांच शुरू की थी।

Xiaomi ने FEMA नियमों का किया उल्लंघन-

ईडी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, शाओमी इंडिया ने फेमा नियमों का उल्लंघन किया है। इसलिए उस पर मुकदमा चलाया गया है। एजेंसी ने अपनी जांच में सबसे पहले Xiaomi Corporation के पूर्व भारतीय प्रमुख को यह निर्धारित करने के लिए तलब किया था कि कंपनी की व्यावसायिक प्रथाएं भारतीय विदेशी मुद्रा कानूनों के अनुरूप हैं या नहीं..! ईडी दो महीने से कंपनी के लेन-देन के मामलों की जांच कर रही है। साथ ही एजेंसी ने भारत के पूर्व प्रबंध निदेशक मनु कुमार जैन को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा था।

भारतीय कानूनों का पालन करने के लिए बाध्य कंपनी-
 
Xiaomi ने कहा, कंपनी सभी भारतीय कानूनों का पालन करती है और सभी नियमों का पूरी तरह से पालन कराती है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के साथ उनकी चल रही जांच में सहयोग कर रहे हैं क्योंकि हमारे पास सभी आवश्यक जानकारी है।

यह है पूरा मामला-

आपको बता दें कि, Xiaomi ने तीन विदेशी आधारित संस्थाओं को रॉयल्टी की आड़ में 5551.27 करोड़ रुपये के बराबर विदेशी मुद्रा भेजी है। इसमें हैरत करने वाली बात ये है कि Xiaomi ने इन तीनों कंपनियों से किसी भी तरह की सेवा का लाभ नहीं लिया। इन तीन कंपनियों में Xiaomi समूह की भी एक संस्था शामिल है। रॉयल्टी के नाम पर इतनी बड़ी रकम Xiaomi Group की संस्थाओं के निर्देश पर भेजी गई थी। इसमें अन्य दो यूएस आधारित असंबंधित संस्थाओं को भेजी गई राशि भी शाओमी समूह की संस्थाओं के अंतिम लाभ के लिए थी।