इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में टीम इंडिया को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। टेस्ट इतिहास में यह पहली बार है जब भारतीय टीम 350 रनों से ज्यादा का टारगेट देने के बाद हार गई हो। प्लेइंग इलेवन में की गई गलतियां इस मैच की हार का सबसे बड़ा कारण  साबित हुईं। 

हार का पहला कारण भारतीय बल्लेबाजों की नाकामी रहा। पहली पारी में भी केवल 98 रनों पर भारत के शीर्ष पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऋषभ पंत और रविंद्र जडेजा की पारियों से भारत में एक सम्मानजनक इसको हासिल कर पाया था। 

दूसरी पारी में भी चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत के अलावा कोई बल्लेबाज क्रीज पर नहीं टिक सका। भारत को सबसे ज्यादा उम्मीद विराट कोहली से थी लेकिन वे दोनों ही पारियों में नाकाम रहे। युवा बल्लेबाज शुभ्मन गिल और हनुमा विहारी भी अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके।  

वही टीम इंडिया की गेंदबाजी भी बेहद साधारण रही।  दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाज 378 रनों के लक्ष्य का भी बचाव नहीं कर सके। शार्दुल ठाकुर गेंदबाजी की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुए। दोनों पारियों में शार्दुल सिर्फ एक विकेट ही हासिल कर सके। वही मोहम्मद  शमी भी लय में नजर नहीं आए और दूसरी बारे में लंबे स्पेल के बाद भी खाली हाथ रहे।