MP Vyapam: मध्यप्रदेश की राजनीति में व्यापमं हमेशा सुर्ख़ियों में ही रहा हैं. सरकारें भी बदली लेकिन व्यापमं की छवि पर लगा गड़बड़ी का धब्बा कभी कम ना हो सका. एमपी की राजनीति में शायद ही ऐसा कोई दौर आया होगा, जब सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी का आरोप ना लगा हों.
फ़िलहाल, मौजूदा सरकार की बात करें तो शिवराज सरकार में भी व्यापमं में गड़बड़ी की खबरें हमेशा सुर्ख़ियों में बनी रहीं हैं. व्यापम की छवि में सुधार के लिए कई बार इसका नाम भी बदला गया. व्यापमं के बाद इसे प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड का नाम दिया गया. जो अब मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के नाम से जाना जाता है.
हालांकि, नाम बदलने के बाद भी भर्तियों में गड़बड़ी की खबरें आनी कम ना हुई. हाल ही में जारी किये गए पटवारी ग्रुप 2 और ग्रुप 4 के परीक्षा परिणाम ने सियासी हलचले बढ़ा दी हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि रिजल्ट आते ही पटवारी परीक्षा विपक्ष के सवालों के घेरे में आ गई.
मध्यप्रदेश में एक और भर्ती घोटाला- कांग्रेस
विपक्ष परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मानसून सत्र में शिवराज सरकार को विधानसभा से लेकर सड़क तक घेरने में जुट गया हैं. नेताओं की तरफ से बयानबाज़ी भी आनी शुरू हो गई हैं. कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, मध्यप्रदेश में एक और भर्ती घोटाला: पटवारी परीक्षा में ग्रुप 2, सब ग्रुप 4 की मेरिट लिस्ट में टॉप 10 में से 7 बच्चों का सेंटर NRI कॉलेज ग्वालियर. 9 हज़ार चयनित अभ्यर्थियों में से लगभग 1 हज़ार चयनित अभ्यर्थियों का सेंटर NRI कॉलेज. ज्यादातर टॉपर्स के हस्ताक्षर हिंदी में है एवं उनके इंग्लिश में 25/25 आये हैं. वाह जाते-जाते एक और भर्ती घोटाला कर गये.

वहीं, इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी लिखा, प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के समाचार सामने आ रहे हैं. कई टॉपर एक ही सेंटर पर परीक्षा देकर सफल हुए बताए जा रहे हैं. एक बार फिर फर्जीवाड़े के तार बीजेपी से जुड़े दिख रहे हैं.
उन्होंने आगे लिखा, व्यापम, नर्सिंग, आरक्षक भर्ती, कृषि विस्तार अधिकारी और ऐसी ही कितनी ही भर्ती परीक्षाओं ने अंत में घोटाले का रूप लिया है. नौकरी देने के नाम पर भर्ती घोटाला करना शिवराज सरकार का चरित्र बन गया है. इनसे तो जांच की मांग करना भी बेकार है क्योंकि हमेशा बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है. मेरी मांग है कि कोई स्वतंत्र एजेंसी मामले की जांच करें और उन लाखों बेरोजगारों के साथ न्याय करे जो इन प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में शामिल होते हैं. मध्य प्रदेश अब भ्रष्ट राज से मुक्ति चाहता है.
परीक्षा में घोटाले का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अब जांच की मांग कर रहीं हैं. लेकिन सरकार की तरफ से गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया हैं. पहले भी सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी की खबरें आती रहीं है. लेकिन, हमेशा ठोस कार्रवाई के बजाय सिर्फ सियासत ही होती रहीं हैं. अब एक बार चुनावी साल में दोनों तरफ से सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है.