भोपाल: सीहोर वन मंडल के रेहटी रेंज में अवैध कटाई और अतिक्रमण के एक ही मामले में दो अलग-अलग जांच प्रतिवेदन ने भोपाल वन वृत के उड़न दस्ते प्रभारी की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए है। राज्य स्तरीय उड़न दस्ते के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।
अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल के सख्त निर्देश के बाद सीहोर वन मंडल के रेहटी रेंज में अवैध कटाई कर बेजा कब्जे की दो जांचे हुई। पहली जांच भोपाल वन वृत के उड़न दस्ते की और जब उनकी जांच प्रतिवेदन पर संदेह हुआ तो राज्य स्तरीय उड़न दस्त ने जांच की।
भोपाल वृत के उड़न दस्ते ने एसीएस के निर्देश को सतही तौर पर लिया और अपनी जांच में लीपा-पोती का कुत्सित प्रयास किया। जबकि राज्य स्तरीय उड़न दस्ते की जांच में ग्राम जमुनिया के पास लगभग लगभग 15.33 हे. वनभूमि पर अतिक्रमण होना पाया गया एवं सागौन के 07 नग ठूंठ तथा साज के 02 नग ठूंठ, कुल 09 नग ठूंठ अवैध रूप से कटे पाये गये। जिनसे प्राप्त कुल 09 नग वनोपज, 0.543 घ.मी. बीटगार्ड के सुपुर्दगी में दी गई। उक्त अवैध कटाई के विरूद्ध वन अपराध प्रकरण कमांक 42116/15 दिनांक 05 नवंबर 24 को पंजीबद्ध किया गया।
वन वृत के उड़न दस्ता प्रभारी के खिलाफ अनुशंसा
राज्य स्तरीय उड़न दस्ता ने अपनी जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि भोपाल वृत्त स्तरीय सुरक्षा बल / वृत्त स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा गंभीरता से जांच नहीं किया गया। प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख है कि कक्ष क्रमांक पीएफ-569 में स्टोन केशर द्वारा भी अतिक्रमण करना पाया गया, जिसका संज्ञान भी इनके द्वारा नहीं लिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि इतनी गंभीर शिकायत होने पर भी इनके द्वारा निष्पक्ष रूप से जांच नहीं की गई जो कि गंभीर लापरवाही का द्योतक है। अतः संबंधित प्रभारी अधिकारी, वन सुरक्षा बल वनवृत्त भोपाल के विरूद्ध उचित कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है।