पॉलीथिन कैरी बैग 2017 से और सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी 18 तरह की सामग्री एक जुलाई से प्रतिबंधित है लेकिन ये बाजार में बड़ी ही आसानी से मिल रही है। लगता नहीं है कि इन पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध भी है। जबकि इन प्रतिबंधितों का पालन कराने के लिए केंद्र व राज्य स्तरीय टीमों का गठन किया है। केंद्र सरकार अलग निगरानी कर रही है और राज्य स्तर पर भी निगरानी के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। मैदानी हाल यह है कि राजधानी भोपाल के हाट-बाजारों में ग्राहकों को बिना मांगे पॉलीथिन कैरी बैग दिए जा रहे हैं। सिंगल् यूज प्लास्टिक से बना उत्पाद भी भरपूर है।
यह भी हो रहा
दूसरे राज्यों से धड़ल्ले से सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी सामग्री आ रही है। इसे रोकने के कोई इंतजाम नहीं है।
हाट-बाजारों का नगर निगम की टीम बिल्कुल भी निरीक्षण नहीं कर रही है। राजधानी में शाम को भी हाट बाजार लगते हैं, जिनमें जमकर पॉलीथिन का उपयोग हो रहा है।
आम नागरिकों से ही उम्मीद
पर्यावरण और इंसानों को नुकसान पहुंचाने वाले इन उत्पादों पर पूर्ण रोक लगे, इसकी जिम्मेदारी आम नागरिकों पर ही है। आम नागरिक चाहे तो इनका पूरी तरह बहिष्कार कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इनका निर्माण करने वाले, परिवहन करने वालों के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं। यह शिकायत हर स्तर पर की जा सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एसयूपीसीपीसीबी नामक मोबाइल एप भी डिजाइन किया है, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। ऐप को डाउनलोड करने के बाद ऐड न्यूकम्लेंट विकल्प पर जाएं। यहां पर प्रतिबंधित प्लास्टिक की सामग्री के नाम आएंगे। आपको इनमें से जिसके उत्पादन, उपयोग व परिवहन की जानकारी हो और उसकी शिकायत आप करना चाहते हैं तो उस सामग्री को चुन लें। फिर उसके नीचे ऐड कम्प्लेंट डिटेल विकल्प को चुने। यहां मांगी गई जानकारी दर्ज करें। यदि आपके मोबाइल में उत्पादन, उपयोग व परिवहन किए जाने से संबंधित फोटो हो तो उसे अपलोड करें और शिकायत प्रेषित कर दें।